Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महिला न्यायाधीश के पिता मोहम्मद असद की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि इस सनसनीखेज हत्याकांड को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके सगे बड़े साले और हिस्ट्रीशीटर जफर ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था. पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर करीब 900 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में 45 गवाहों के बयान, फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य शामिल किए गए हैं.

जायदाद और पैसों का विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस जांच के अनुसार, मोहम्मद असद और उनके बड़े साले जफर के बीच लंबे समय से जायदाद और पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. आरोप है कि जफर असद और उनके भाई पर मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था. इसी विवाद के चलते उसने हत्या की साजिश रची.

नमाज के लिए जाते समय मारी गई गोली

घटना 27 मार्च 2026 की शाम की है. मोहम्मद असद अपने छोटे साले डेनियल के साथ स्कूटी से नमाज पढ़ने जा रहे थे. जैसे ही वे नागफनी इलाके के बंगला गांव चौराहे के पास पहुंचे, तभी पहले से घात लगाए बैठे जफर ने बेहद करीब से उनके सिर में गोली मार दी. गोली लगते ही असद की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए.

साजिश में परिवार के लोग भी शामिल

पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या की साजिश में जफर अकेला नहीं था. उसके दो बेटे, दामाद और दो अन्य लोगों ने भी उसका साथ दिया. घटना के बाद डेनियल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. अगले ही दिन पुलिस ने जफर के दामाद मोहम्मद फैजान और आलमगीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

मुख्य आरोपी जफर अपने दोनों बेटों के साथ जम्मूकश्मीर भाग गया था. जांच के दौरान प्रॉपर्टी डीलर आसिफ का नाम भी सामने आया, जिसे 1 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद 13 मई को पुलिस ने श्रीनगर के नौगाम इलाके में छापेमारी कर जफर और उसके दोनों बेटों को भी गिरफ्तार कर लिया.

900 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

पुलिस ने इस मामले में अदालत में 900 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इसमें जांच अधिकारी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, शिकायतकर्ता डेनियल और मृतक के बेटे अरीब समेत कुल 45 गवाहों के नाम शामिल किए गए हैं. पुलिस ने डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है, ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए जा सकें.

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए सभी साक्ष्य यह साबित करते हैं कि हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी. अब अदालत में पेश किए गए गवाहों, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है.