भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग धीरेधीरे बढ़ रही है, लेकिन अमीर कार खरीदारों के बीच इसका चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है. खासकर लग्जरी कार खरीदने वाले लोग अब पेट्रोलडीजल के बजाय इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. इसका अंदाजा BMW और MercedesBenz की बिक्री से लगाया जा सकता है. 2026 के पहले छह महीनों में भारत में बिकने वाली हर चार BMW कारों में से करीब एक इलेक्ट्रिक थी. वहीं MercedesBenz की महंगी कारों में भी इलेक्ट्रिक मॉडल की मांग काफी मजबूत रही.

घर पर ही हो जाती है चार्जिंग की चिंता खत्म

आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने में सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग की होती है. हर जगह चार्जिंग स्टेशन नहीं मिलते और घर पर चार्जर लगाने की सुविधा भी हर किसी के पास नहीं होती. लेकिन अमीर ग्राहकों की स्थिति थोड़ी अलग होती है. उनके घर में आमतौर पर अपनी पार्किंग होती है, जहां आसानी से EV चार्जर लगाया जा सकता है. ऐसे में रातभर कार चार्ज होती रहती है और सुबह गाड़ी तैयार मिलती है.

लंबी दूरी की टेंशन भी कम

इलेक्ट्रिक कारों को लेकर दूसरी बड़ी चिंता रेंज की होती है. लोगों को डर रहता है कि लंबी यात्रा के दौरान बैटरी खत्म न हो जाए. लेकिन लग्जरी कार खरीदने वाले कई परिवारों के पास एक से ज्यादा गाड़ियां होती हैं. ऐसे में इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल रोजाना शहर में आनेजाने के लिए किया जा सकता है। लंबी यात्रा के लिए परिवार की दूसरी कार काम आ सकती है.

कीमत का अंतर भी कम महसूस होता है

इलेक्ट्रिक कारों की कीमत पेट्रोल या डीजल कारों से ज्यादा हो सकती है. फिर भी महंगी कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह अंतर उतना बड़ा नहीं होता.इसके अलावा भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर GST की दर 5 फीसदी है. वहीं बड़ी पेट्रोल और डीजल कारों पर GST के साथ अतिरिक्त सेस भी लगता है. महंगी कारों के मामले में टैक्स का यह अंतर काफी बड़ा हो सकता है.

सिर्फ पर्यावरण नहीं, पावर भी है खास

इलेक्ट्रिक कार खरीदने की वजह केवल प्रदूषण कम करना नहीं है. में मोटर तुरंत पावर देती है, जिससे कार तेजी से रफ्तार पकड़ती है. इसके साथ ही इलेक्ट्रिक कारों में इंजन की आवाज काफी कम होती है. यही वजह है कि लग्जरी कारों में मिलने वाला शांत और आरामदायक सफर EV के साथ और बेहतर महसूस हो सकता है. BMW Group India के मुताबिक इलेक्ट्रिक कारें कम चलने वाले खर्च, कम मेंटेनेंस और बेहतर परफॉर्मेंस जैसे फायदे भी देती हैं.

अब महंगी EV के ज्यादा ऑप्शन

कुछ साल पहले लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों के विकल्प बहुत कम थे. अब तस्वीर तेजी से बदल रही है. पिछले कुछ समय में Porsche, Volvo, RollsRoyce, Ferrari और जैसी कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक मॉडल पेश किए हैं.इसका मतलब है कि ग्राहक अब अपनी पसंद की बॉडी स्टाइल, ब्रांड और बजट के हिसाब से ज्यादा विकल्प चुन सकते हैं.

BMW और Mercedes की बिक्री में दिखा असर

2026 के पहले छह महीनों में BMW ने भारत में 2,359 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं. कंपनी की कुल बिक्री में EV की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी रही.MercedesBenz ने इसी अवधि में 859 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं. कंपनी की महंगी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली. वहीं Mercedes की CLA BEV की 2026 की पूरी बिक्री आवंटन पहले ही खत्म हो चुकी है. नए ग्राहकों को डिलीवरी के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है.

Tesla की कहानी थोड़ी अलग

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ने के बावजूद हर कंपनी को इसका फायदा नहीं मिल रहा है. Tesla इसका उदाहरण है.भारत में Tesla के पास फिलहाल सीमित मॉडल ऑप्शन हैं. इसके मुकाबले BMW और MercedesBenz जैसी कंपनियां अलगअलग कीमत और कैटेगरी में कई इलेक्ट्रिक कारें दे रही हैं. यही वजह है कि ग्राहक के पास चुनाव के ज्यादा विकल्प मौजूद हैं.

आखिर अमीरों को EV क्यों पसंद आ रही है?

सीधी भाषा में समझें तो अमीर ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक कार की सबसे बड़ी परेशानियां काफी हद तक छोटी हो जाती हैं. घर पर चार्जिंग की सुविधा, दूसरी कार का विकल्प, टैक्स में फायदा और EV की तेज परफॉर्मेंस इसे दमदार बनाती है. यही कारण है कि इलेक्ट्रिक कार अब सिर्फ पर्यावरण बचाने का साधन नहीं रह गई है. भारत के लग्जरी कार बाजार में यह तेजी से स्टाइल, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का हिस्सा बन रही है.