Karnataka Crime News: कर्नाटक के बागलकोट जिले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर भ्रूण हत्या और अवैध लिंग परीक्षण करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस हाईप्रोफाइल रैकेट का खुलासा करने के लिए महिला प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद अपनी जान जोखिम में डालकर एक अनोखा स्टिंग/गुप्त अभियान चलाया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है.

इस ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने महाराष्ट्र के जट्ट तालुका स्थित जदरा बाबलडी गांव में एक फार्महाउस पर छापेमारी कर अवैध रूप से रखी गई पोर्टेबल स्कैनिंग मशीन, गर्भपात की दवाइयां और इंजेक्शन बरामद किए हैं. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

एक बनीं गर्भवती, दो ने धरा मां का वेश

इस स्टिंग ऑपरेशन की सबसे खास बात महिला अधिकारियों की सूझबूझ और निडरता रही. गिरोह को रंगे हाथों पकड़ने के लिए अधिकारियों ने खुद का वेश बदला. जामखंडी की सहायक आयुक्त श्वेता बिदिकर ने खुद गर्भवती महिला का वेश धारण किया. आरोग्य सौधा की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शोभा नादिनी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी सुवर्णा कुलकर्णी ने उनकी मां का वेश धारण किया.

ये अधिकारी मरीज और परिजन बनकर गिरोह के बिचौलियों के संपर्क में आईं. महालिंगपुर की ‘कविता’ नामक एक फर्जी डॉक्टर से मिली गुप्त जानकारी के आधार पर, टीम ने बिचौलियों का पीछा किया और कर्नाटक की सीमा पार कर महाराष्ट्र के जट्ट तालुका स्थित जदरा बाबलडी और करजागी में छापेमारी की.

फार्महाउस में छिपाई गई थी पोर्टेबल स्कैनिंग मशीन

जब महिला अधिकारियों की टीम महाराष्ट्र के जदरा बाबलडी स्थित एक खेत में बने फार्महाउस पहुंची, तो वहां का मंजार देखकर हैरान रह गई. घने बगीचे के बीच अवैध रूप से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग मशीन रखी गई थी, जहां गुप्त तरीके से लिंग परीक्षण और गर्भपात कराया जाता था. मौके से पुलिस ने निखिल तेली और दानम्मा तेली को गिरफ्तार कर लिया है. स्कैनिंग मशीन, एमटीपी दवाइयां और 2 इंजेक्शन जब्त किए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी डॉ. संजय वाघमोरे फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं.

निलंबित और कार्यवाहक डीएचओ आमनेसामने

इस बड़े भंडाफोड़ के बीच बागलकोट स्वास्थ्य विभाग में एक नया प्रशासनिक विवाद भी सामने आ गया है. निलंबित डीएचओ डॉ. राजकुमार यारागल और कार्यवाहक डीएचओ सुवर्णा कुलकर्णी के बीच तीखे आरोपप्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. निलंबित डीएचओ डॉ. राजकुमार की बेटी अंकिता पर पढ़ाई के दौरान भी डॉक्टर के नाम पर वेतन उठाने का आरोप लगा है.

अंकिता ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि प्रभारी डीएचओ सुवर्णा का अपना निजी अस्पताल चल रहा है. इस पर सुवर्णा कुलकर्णी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वो अस्पताल उनके नाम पर नहीं, बल्कि उनके पति के नाम पर संचालित होता है. विभाग ने साफ किया है कि प्रशासनिक विवादों से परे, अवैध लिंग परीक्षण और भ्रूण हत्या में शामिल किसी भी दोषी या डॉक्टर को बख्शा नहीं जाएगा.