Kasganj Crime News: उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद में डेढ़ माह के मासूम बच्चे की कथित खरीदफरोख्त का मामला सामने आया है. सोरों थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में बच्चे की मां भी शामिल बताई गई है.

पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद करने के साथ ही कथित खरीदफरोख्त से संबंधित 80 हजार रुपये भी बरामद किए हैं. पुलिस के अनुसार, बच्चे का सौदा 1 लाख 30 हजार रुपये में किए जाने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, सोरों थाना क्षेत्र के बनूपुर पुख्ता गांव निवासी अरविंद ने 17 अक्टूबर 2026 को पुलिस को लिखित शिकायत दी थी.

दवा दिलाने के बहाने बच्चे को ले जाने का आरोप

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फरीदाबाद में एक कंपनी में काम करता है. 16 अक्टूबर को उसकी पत्नी ने फोन पर जानकारी दी कि वह अपने डेढ़ माह के बेटे को दवा दिलाने के लिए कासगंज गई थी. आरोप है कि कासगंज बस स्टैंड पर एक अज्ञात महिला को बच्चा सौंप दिया गया. इसके बाद जब बच्चे की मां वापस लौटी तो बच्चा उसके पास नहीं था.

मामले की जानकारी मिलने पर बच्चे के पिता ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता की पत्नी ने 1076 हेल्पलाइन पर भी सूचना दी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की. सोरों थाना पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर मामले से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई.

पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की

जांच के दौरान कथित खरीदफरोख्त में शामिल लोगों के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की. पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान बच्चे को बेचने के बदले 1 लाख 30 हजार रुपये का सौदा किए जाने की बात सामने आई. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 80 हजार रुपये बरामद किए हैं.

पुलिस अब मामले में पैसों के लेनदेन और कथित खरीदफरोख्त से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के नाम और पते का विवरण दिया है. इनमें बच्चे की मां, एक डॉक्टर और उसकी पत्नी सहित अन्य लोग शामिल हैं. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर डेढ़ माह के मासूम को सकुशल बरामद कर लिया.

एसपी के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान के नेतृत्व में कार्रवाई की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए सोरों थाना पुलिस और जनपदीय एसओजी टीम को जल्द से जल्द बच्चे का पता लगाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे.

अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

इसके बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और मासूम को सकुशल बरामद किया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित खरीदफरोख्त की योजना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं. साथ ही, बच्चे को किस परिस्थिति में दूसरे लोगों को सौंपा गया और रुपये का लेनदेन किन लोगों के बीच हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है.

फिलहाल डेढ़ माह का मासूम बच्चा सकुशल बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है.