Raebareli News: रायबरेली जिले के बहुचर्चित आदित्य हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है. जिला जज की अदालत ने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आरपी यादव, सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत सभी 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया.

2019 में हुआ था बहुचर्चित आदित्य हत्याकांड

यह मामला साल 2019 का है, जिसने रायबरेली में काफी चर्चा बटोरी थी. आदित्य हत्याकांड की जांच के बाद पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया था. मामला कोर्ट पहुंचने के बाद लंबे समय तक सुनवाई चली. अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 13 गवाह पेश किए गए. गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने 14 लोगों को दोषी माना.

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आरपी यादव समेत 14 को उम्रकैद

कोर्ट के फैसले में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आरपी यादव का नाम भी शामिल है. इसके अलावा सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत कुल 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. फैसला आने के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया.

2 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में राहत

अदालत ने मामले में दो आरोपियों को साक्ष्य पर्याप्त नहीं मिलने के कारण दोषमुक्त कर दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद जहां दोषियों को जेल भेज दिया गया, वहीं बरी किए गए आरोपियों को राहत मिली है. फैसला सुनाए जाने के बाद आरपी यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें उच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है. वह जल्द ही जेल से बाहर आएंगे. आरपी यादव ने यह भी कहा कि वह बाहर आने के बाद चुनाव लड़ेंगे.

आरपी यादव ने दावा किया कि वह रायबरेली के विधायक और एमएलसी की साजिश का शिकार हुए हैं. जिला अदालत के फैसले के बाद दोषियों के पास ऊपरी अदालत में अपील करने का कानूनी विकल्प मौजूद है. आरपी यादव के बयान से भी संकेत मिल रहा है कि वह जिला अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं. फिलहाल कोर्ट के फैसले के बाद आदित्य हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है और अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी.