Karnataka News: कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ और उत्तर कन्नड़ जिलों से एक सनसनीखेज और विवादित मामला सामने आया है. एक 40 वर्षीय मुस्लिम धर्मगुरु पर पहली पत्नी और बच्चों की जानकारी छिपाकर मदरसे में पढ़ने वाली 22 वर्षीय युवती को बहलाफुसलाकर शादी करने का गंभीर आरोप लगा है. हैरत की बात तो ये रही कि युवती अपने परिजनों को पुलिस स्टेशन में छोड़कर मौलवी के साथ चली गई. इस घटना के बाद जहां एक तरफ पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट चुका है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय मुस्लिम समुदाय में आरोपी धर्मगुरु के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है.

जानकारी के मुताबिक, मंगलुरु के असाईगोली निवासी 40 वर्षीय धर्मगुरु अशरफ पहले कुमटा के एक मदरसे में धार्मिक शिक्षा देते थे. वहां बेतागुली निवासी दाऊद कासिम की 22 वर्षीय बेटी रूबीना धार्मिक शिक्षा लेने आती थी. पिछले तीन सालों से दोनों के बीच संपर्क था. इसके बाद अशरफ कुमटा छोड़कर मुंबई चला गया था. 22 अक्टूबर को वह कुमटा लौटा और युवती को मंगलुरु लाकर उससे शादी कर ली और इसका रजिस्ट्रेशन भी करा लिया.
पहली शादी और बच्चों का सच छिपाने का आरोप
युवती के परिजनों ने मौलवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. लड़की के मातापिता का आरोप है कि अशरफ ने अपनी पहली शादी और बच्चों की जानकारी पूरी तरह छिपाकर उनकी बेटी का यौन शोषण किया और उसे झूठे जाल में फंसाकर शादी कर ली. बेटी के लापता होने पर परिजन तलाश करते हुए मंगलुरु के कोनाजे पुलिस स्टेशन पहुंचे. पुलिस ने जब दोनों पक्षों को थाने बुलाया, तो बालिग युवती ने परिजनों को पहचानने और उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया. उसने पुलिस से कहा कि वह अपनी मर्जी से मौलवी के साथ रहेगी. थाने के बाहर बेबस मातापिता रोते रह गए.
मुस्लिम समुदाय में आक्रोश, धार्मिक कार्यक्रमों से बहिष्कार का फैसला
धर्मगुरु की इस हरकत से स्थानीय समाज में भारी नाराजगी है. मुस्लिम समुदाय के स्थानीय नेताओं ने इस घटना पर कड़ा दुख और गुस्सा जताया है. उनका कहना है कि समाज को सही राह दिखाने वाले धर्मगुरु ने यह अनैतिक कार्य किया है. समुदाय के लोगों ने निर्णय लिया है कि अशरफ का किसी भी धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम में पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा. वहीं, आरोपी अशरफ ने मीडिया के सामने इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.



