गुजरात के सूरत में बच्चों की दवा के नाम पर फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक मेडिकल स्टोर का मालिक जानवरों के लिए बने टॉनिक को छोटी बोतलों में भरकर और उन पर बच्चों की दवा के नकली लेबल लगाकर बेच रहा था. जानकारी मिलने पर पुलिस और फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन की टीम ने मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया.

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजदीपसिंह नकुम ने बताया कि FDCA की टीम ने मंगलवार को शहर के गोपीपुरा इलाके में ‘शांतिनाथ मेडिकल स्टोर’ पर छापा मारा. इस दौरान मौके से मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया. आरोपी की पहचान मोहम्मद साजिद इब्राहिम मुल्ला के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी इसे बच्चों की दवा बताकर दोगुनी कीमत पर बेचता था.
Liv.52 ड्रॉप्स का नकली लेबल लगाता था
DCP राजदीपसिंह नकुम ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर जानवरों के लिए बने हिमालय Liv.52 प्रोटेक लिक्विड वेटेरिनरी फीड सप्लीमेंट को बच्चों की दवा बताकर बेच रहा था. वह पहले हिमालय Liv.52 ड्रॉप्स के एक लीटर और 5 लीटर के बड़े कैन से लिक्विड निकालता था और उसे फिर 60 ml और 100 ml की छोटी बोतलों में भरता था.
इसके बाद आरोपी इन छोटी बोतलों पर ‘हिमालय Liv.52 ड्रॉप्स’ के नकली लेबल लगा देता था. Liv.52ड्रॉप्स बच्चों में भूख न लगने, अपच और पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए दिया जाता है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक जानवरों के लिए बने टॉनिक को छोटी बोतलों में डालकर उसपर Liv.52 ड्रॉप्स नाम के नकली लेबल लगाता था और बच्चों की दवा बताकर बेच देता था.
कितने लोगों ने दवा खरीदा? इलाके में दहशत
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है. पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 123 , 125 , 336 , और 278 के तहत FIR दर्ज की है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मेडिकल स्टोर से अब तक कितने लोगों ने छोटे बच्चों के लिए दवा ली है. आरोपी का ऐसे करने के पीछे का असली मकसद क्या था. इसमें और कौनकौन शामिल है. साथ ही लोगों से अपील की है कि अगर उन्होंने उस मेडिकल स्टोर से Liv.52 खरीदा है और उसके बाद कोई दिक्कत आई है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.



