दिवाली का त्योहार इस बार आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. घर में बनने वाले लड्डू, बर्फी और काजू कतली से लेकर बाजार में मिलने वाली मिठाइयों और ड्राई फ्रूट्स तक की कीमतें बढ़ गई हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह दूध, घी, मक्खन और सूखे मेवों के दाम में हुई बढ़ोतरी है. त्योहार से पहले अमूल, नंदिनी और आविन जैसी डेयरी कंपनियों ने अपने कई प्रोडक्ट महंगे कर दिए हैं. वहीं, पिस्ता, बादाम और काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भी तेजी आई है. इससे न केवल आम लोगों का दिवाली बजट बिगड़ रहा है, बल्कि मिठाई बनाने वाली कंपनियों और कारोबारियों की लागत भी बढ़ गई है.

दूध, घी और मक्खन के बढ़े दाम
दिवाली से पहले दूध से बने प्रोडक्ट की मांग बढ़ जाती है. इसी बीच अमूल और कर्नाटक की नंदिनी डेयरी ने अपने कई प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ा दी हैं. तमिलनाडु की सरकारी डेयरी कंपनी आविन ने भी घी, मक्खन, दही और मिठाइयों के दाम बढ़ाए हैं. अमूल के 1 किलो घी के पैक की कीमत 630 रुपए से बढ़कर 680 रुपए हो गई है. वहीं, 500 ग्राम शुद्ध घी का पैक अब 325 रुपए की जगह 345 रुपए में मिल रहा है. मक्खन भी महंगा हो गया है. अमूल के 100 ग्राम मक्खन का पैक 63 रुपए से बढ़कर 66 रुपए और 500 ग्राम का पैक 310 रुपए से बढ़कर 325 रुपए हो गया है.
कर्नाटक में नंदिनी डेयरी ने 4 नवंबर से घी, मक्खन, पनीर और दूध के दाम में बदलाव किया है. अब नंदिनी का 500 मिलीलीटर घी 425 रुपए और 1 लीटर घी 850 रुपए में मिल रहा है. वहीं, 100 ग्राम मक्खन की कीमत 90 रुपए और 500 ग्राम मक्खन की कीमत 380 रुपए हो गई है. तमिलनाडु की सरकारी डेयरी कंपनी आविन ने भी अपने प्रोडक्ट महंगे किए हैं. अब उसका 100 मिलीलीटर घी 80 रुपए की जगह 95 रुपए और 200 मिलीलीटर घी 160 रुपए की जगह 180 रुपए में मिल रहा है.
पिस्ता से बादाम तक, ड्राई फ्रूट्स भी हुए महंगे
दिवाली पर मिठाइयों और गिफ्ट पैक में ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल खूब होता है, लेकिन इस बार इनके दाम भी काफी बढ़ गए हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में कुछ ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 70% तक की बढ़ोतरी हुई है. पिस्ता सबसे ज्यादा महंगा हुआ है. पिछले साल की दिवाली के मुकाबले इसकी कीमत 6070% तक बढ़ गई है. वहीं, बादाम के दाम में किस्म के हिसाब से 2040% की तेजी आई है. मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाला पेशावरी पिस्ता 4,000 रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. पिछले छह महीनों में इसकी कीमत करीब 40% बढ़ी है. वहीं, छिलके वाले पिस्ते की थोक कीमत में सालाना आधार पर करीब 74% की बढ़ोतरी हुई है. अब इसका भाव 1,650 रुपए प्रति किलो हो गया है. दूसरे ड्राई फ्रूट्स भी महंगे हुए हैं. पिछले एक साल में काजू की कीमत 58%, किशमिश की 25%, खजूर की 510% और अंजीर की कीमत 515% तक बढ़ गई है.
खानेपीने की महंगाई ने बढ़ाई चिंता
खानेपीने की चीजों की बढ़ती कीमतों का असर महंगाई के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है. सितंबर 2026 में खुदरा खाद्य महंगाई बढ़कर 7.74% हो गई. वहीं, कुल खुदरा महंगाई दर 5.54% पर पहुंच गई, जो भारतीय रिजर्व बैंक की 6% की ऊपरी सीमा के करीब है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में चीनी की कीमतों में सालाना आधार पर 29.8% की बढ़ोतरी हुई. वहीं, चीनी से बनने वाली मिठाइयों और अन्य मीठे प्रोडक्ट की महंगाई दर भी बढ़ी है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बढ़ती महंगाई पर चिंता जताई है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, अगस्त में 37% चीजों की महंगाई दर 4% से ज्यादा थी. मार्च में यह आंकड़ा 20% था.
इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स हुए इतने महंगे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले एक साल में इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स जैसे AC, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की कीमतों में कुल मिलाकर 23% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस साल कंपनियों ने अलगअलग चरणों में कुल 3 बार कीमतें बढ़ाई हैं, जिसमें हालिया बढ़ोतरी अक्टूबर 2026 के त्योहारी सीजन से ठीक पहले 3% से 8% के बीच की गई है.
इसका मतलब है कि महंगाई का असर अब कुछ चुनिंदा चीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले कई सामान महंगे हो रहे हैं. ऐसे में इस दिवाली मिठाई, ड्राई फ्रूट्स और गिफ्ट खरीदने के लिए लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.



