आपके नाखून में मौजूद आधा चांद भी सेहत से जुड़े कई संकेत देता है. बहुत मानते हैं कि इसका हमारी उंगलियों में होना एक धार्मिक महत्व है. देखा जाए तो इसका कनेक्शन हमारी हेल्थ से भी होता है. सबसे पहले ये समझ लीजिए कि नाखून के नीचे जो छोटा सा सफेद आधा चांद दिखता है, उसे लुनुला कहते हैं. ये नाखून का बिल्कुल नॉर्मल हिस्सा होता है. कुछ लोगों में ये साफ दिखाई देता है, तो कुछ लोगों में बहुत छोटा होता है या दिखता ही नहीं.

नाखून में दिखने वाले इस चांद से दिल और किडनी की हेल्थ का भी कनेक्शन माना जाता है. इस टॉपिक पर टीवी9 ने डॉ. मानसी निगम से खास बातचीत की. चलिए आपको बताते हैं कि एक्सपर्ट ने क्या कहा….
नाखून में चांद का नजर आना
एक्सपर्ट कहती है कि अगर आपके हर नाखून पर आधा चांद नहीं दिख रहा है, तो इसका मतलब बिल्कुल भी ये नहीं है कि आपको कोई बीमारी है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। हालांकि, अगर अचानक इसका रंग बदल जाए, इसका साइज पहले से अलग लगने लगे या ये दिखना बंद हो जाए, तो कुछ मामलों में ये शरीर के अंदर चल रही किसी दिक्कत की तरफ इशारा कर सकता है.
हार्टकिडनी की हेल्थ प्रॉब्लम से कनेक्शन
डॉक्टर ने बताया जिन लोगों को काफी समय से किडनी की बीमारी है, उनमें कभी कभी लुनुला छोटा हो जाता है या दिखना बंद हो जाता है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि बीमारी का असर ब्लड फ्लो और नाखून की ग्रोथ पर पड़ता है. इसी तरह कुछ हार्ट की बीमारियों में भी लुनुला के रंग या उसके दिखने के तरीके में बदलाव देखा गया है. लेकिन सिर्फ नाखून देखकर ये कहना बिल्कुल सही नहीं होगा कि किसी को हार्ट या किडनी की बीमारी है.
इन लक्षणों को न करें इग्नोर
एक्सपर्ट के मुताबिक असल में हमें पूरी तस्वीर देखनी होती है. अगर नाखूनों में बदलाव के साथ पैरों में सूजन आ रही है, सांस फूल रही है, सीने में दर्द या भारीपन महसूस हो रहा है, बिना वजह बहुत ज्यादा थकान रहती है या पेशाब से जुड़ी कोई दिक्कत भी है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. इसके अलावा एनीमिया, थायरॉयड की दिक्कत, विटामिन की कमी, डायबिटीज या बढ़ती उम्र की वजह से भी नाखूनों में ऐसे बदलाव आ सकते हैं.
एक्सपर्ट की सलाह है कि अगर आपके नाखून का आधा चांद किसी और से अलग दिखता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. नाखून कई बार हमारी सेहत के बारे में कुछ जरूरी संकेत जरूर देते हैं, लेकिन सिर्फ इन्हें देखकर किसी बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता.
अगर बदलाव अचानक आए, लंबे समय तक बना रहे या इसके साथ शरीर में दूसरे सिम्पटम्स भी नजर आएं, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलिए. सही वजह पता करने का सबसे अच्छा तरीका यही है.



