पंजाब विधानसभा के सत्र के पहले दिन सदन के बाहर भारी हंगामा तब हो गया जब कांग्रेस के विधायकों ने पंजाब के सीएम भगवंत मान के पुतले को आग के हवाले कर दिया और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पंजाब के मानसा में एंटीड्रग्स सोशल एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड, पंजाब में फैले ड्रग्स के मुद्दे, कानूनव्यवस्था और पंजाब के सरकारी मकानों पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली के नेताओं के कब्जे जैसे आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने सीएम भगवंत मान को विफल बताते हुए जमकर नारेबाजी की भगवंत मान के पुतले को आग के हवाले कर दिया.

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि वो इन तमाम मुद्दों को सदन में उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे.

किन मांगों पर विपक्ष का हंगामा?

पंजाब में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या और अन्य सभी जरूरी मुद्दों को लेकर वे विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा जवाब मांगेंगे. उन्होंने फैसला किया है कि इन गंभीर मामलों पर सरकार की जवाबदेही तय की जाए और मुख्यमंत्री सदन के सामने आकर इस पर अपनी सफाई दें.
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, हम जिन मुख्य मुद्दों को उठाने की योजना बना रहे हैं, उनमें कानूनव्यवस्था, नशीले पदार्थों की समस्या, मंडियों में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलना, सरकारी कर्मचारियों का बकाया DA और राज्य की आर्थिक स्थिति शामिल हैं. भले ही यह सत्र छोटा है, लेकिन हम इन सभी मुद्दों को उठाएंगे. विधानसभा सत्र 22 से 27 अक्टूबर तक चलेगा.

कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने कहा कि विपक्ष राज्य की कानूनव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की मांग करेगा, खासकर मानसा में नशाविरोधी कार्यकर्ता झोटा की हत्या के बाद. उन्होंने कहा, “राज्य में गैंगस्टरों का आतंक बढ़ गया है और लोगों को जबरन वसूली के लिए कॉल आ रहे हैं. हम नशीले पदार्थों से जुड़ी आत्महत्याओं का मुद्दा भी उठाएंगे, जिसमें संगरूर के गुलजार सिंह का मामला भी शामिल है.”