कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के वरिष्ठ सलाहकार डेविड मॉरिसन की भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अहम मुलाकात हुई. इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच CEPA और डिफेंस सहयोग पर भी चर्चा हुई.

भारत और कनाडा के बीच संबंध सुधरते दिख रहे हैं. दोनों देशों के NSA स्तर की सुरक्षा वार्ता में आतंकवाद, हिंसक चरमपंथ, ड्रग्स और मानव तस्करी से लेकर साइबर क्राइम और जबरन वसूली तक पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री के वरिष्ठ कूटनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार डेविड मॉरिसन भारत पहुंचे थे.
नई दिल्ली में कल मंगलवार को हुई अहम बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग की समीक्षा की. खास तौर पर फरवरी में तय किए गए शेयर्ड सिक्योरिटी वर्क प्लान के अमल में हुई प्रगति पर चर्चा हुई.
आतंकवाद और संगठित अपराध पर आए साथ
बातचीत के दौरान दोनों देश ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए. साथ ही उन्होंने तय किया कि आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ से मुकाबले में समन्वय मजबूत किया जाएगा. मानव तस्करी और ड्रग तस्करी के खिलाफ आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
इसके अलावा तेजी से बढ़ते साइबर क्राइम और एक्सटॉर्शन के मामलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. दोनों देशों ने वांछित अपराधियों के प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों में भी सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई.
साइबर और आर्थिक सुरक्षा पर संवाद की तैयारी
बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने साइबर सिक्योरिटी और आर्थिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नए संरचित संवाद शुरू करने की संभावना तलाशने पर भी सहमति जताई है. साथ ही, दोनों देशों ने मौजूदा संस्थागत तंत्र को मजबूत करने और जरूरत के मुताबिक नए कम्युनिकेशन चैनल बनाने पर सहमति जताई, ताकि संवेदनशील मुद्दों पर समय पर सूचना साझा की जा सके.
CEPA और रक्षा सुरक्षा से जुड़े संबंधों पर भी फोकस
सुरक्षा बातचीत के साथ आर्थिक और रक्षा संबंध भी एजेंडे में रहे. दोनों पक्षों ने Comprehensive Economic Partnership Agreement की बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयासों का स्वागत किया. इसके अलावा, नेतृत्व की सोच के अनुरूप भारत और कनाडा के बीच Substantive Defence Relationship आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई.
प्रधानमंत्री स्तर की हुई बातचीत का भी असर
दोनों पक्षों ने पिछले एक साल में हुए लगातार और रचनात्मक द्विपक्षीय संवाद पर संतोष जताया. इस दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच नई दिल्ली में मार्च और जून में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बातचीत से मिले मार्गदर्शन का भी उल्लेख किया गया. बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर भी विचारों का आदानप्रदान हुआ.



