समाजवादी पार्टी ने उद्योगपति धनराज नाथवानी को अपना राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है. उनका निर्विरोध निर्वाचन तय है. कल धनराज नाथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया, जिस पर बवाल मचा हुआ है. सपा पूरी तरह खामोश है, जबकि बीजेपी का कहना है कि उनके दिल में अभी भी मोदी ही हैं. वहीं बसपा ने सपा पर बीजेपी के साथ सांठगांठ का आरोप लगाया है. इस बीच सवाल पूछा जा रहा है कि धनराज नाथवानी किसके हैं?

दरअसल, सपा के उम्मीदवार धनराज नाथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर उनकी तारीफ करते हुए शुभकामनाएं दी हैं. धनराज नाथवानी ने अपनी पोस्ट में मोदी के 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर का जिक्र किया. उन्होंने मोदी के नेतृत्व, समर्पण, राष्ट्र निर्माण और सेवा के संकल्प की तारीफ की. साथ ही राष्ट्रसेवा के लिए उन्हें निरंतर शक्ति और सफलता की शुभकामनाएं दीं.

अखिलेश ने क्यों चुना धनराज नाथवानी को?

धनराज नाथवानी, कभी भी समाजवादी पार्टी में न तो रहे हैं और न ही किसी कार्यक्रम में हिस्सा लिए हैं. वे कॉरपोरेट जगत से आते हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी हैं. जब अखिलेश यादव ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया तो खुद अखिलेश ने कहा था कि कई राजनीतिक दलों की कॉरपोरेट जगत में मौजूदगी है और सपा भी कारोबारी दुनिया से जुड़ाव के लिए एक व्यक्ति को उच्च सदन में भेजना चाहती है.

NDA समर्थित सांसद हैं धनराज के पिता परिमल नाथवानी

धनराज नाथवानी के पिता परिमल नाथवानी भी राज्यसभा सांसद हैं. जून 2026 में वे झारखंड से NDA समर्थित निर्दलीय के तौर पर राज्यसभा पहुंचे और लगातार चौथी बार उच्च सदन के सदस्य बने. वे रिलायंस समूह से भी जुड़े हैं. यानी एक ही परिवार में राज्यसभा की दो अलगअलग राजनीतिक राहें दिखाई देती हैं. पिता परिमल नाथवानी NDA समर्थित निर्दलीय राज्यसभा सदस्य हैं, जबकि बेटा धनराज समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार है, जिसका सांसद बनना तय है.

गुजरात में भी मजबूत कनेक्शन

धनराज नाथवानी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने नवंबर 2022 में यह पद संभाला था. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 2009 से 2014 तक गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं. धनराज नाथवानी का गुजरात से गहरा जुड़ाव है और कॉरपोरेट के साथसाथ खेल प्रशासन में भी उनकी भूमिका रही है. यही वजह है कि सपा की ओर से उनके नाम का ऐलान होते ही सवाल उठा कि बीजेपी के करीबी शख्स को अखिलेश क्यों राज्यसभा भेज रहे हैं?

और अब मोदी की तारीफ ने बढ़ाई चर्चा

7 अक्टूबर को धनराज नाथवानी ने पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर पोस्ट की. उन्होंने मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक के सफर का जिक्र करते हुए उनके राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की तारीफ की. राजनीतिक तौर पर यह पोस्ट इसलिए चर्चा में है क्योंकि नाथवानी कुछ ही दिन पहले समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा का नामांकन दाखिल कर चुके हैं.

25 years of leadership. 25 years of dedication. 25 years of Seva ka Sankalp.

Since taking oath as the Chief Minister of Gujarat in 2001, Shri Narendra Modi has travelled a remarkable journey—from serving Gujarat to leading India as Prime Minister.

Through changing times and evolving challenges, his unwavering conviction, perseverance, and commitment to nationbuilding have remained constant.

Today, as we mark 25 years of public service, we celebrate a journey driven by one enduring spirit — Seva ka Sankalp, Rashtriya Kartavya and an unwavering commitment to a rising India.

Wishing Shri Narendra Modi ji continued strength and success in the service of the nation.

@narendramodi @PMOIndia
#SevaKaSankalp #25YearsOfSeva #PMModi #NarendraModi

— Dhanraj Nathwani October 7, 2026

बीजेपी बोली नाथवानी ने दिल से कहा, दिमाग से नहीं

इस पर भाजपा ने कहा कि धनराज नाथवानी ने दिल से कहा, दिमाग से नहीं… नाथवानी राजनीति में नए हैं, इसीलिए दिल से सोचा दिमाग से नहीं. भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि दिल से तो अखिलेश यादव भी पीएम नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हैं पर दिमाग में राजनीतिक मजबूरियां हैं… मोदी जी के 25 वर्ष के कार्यकाल में गरीबों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया… मोदी की प्रशंसा दुनिया के तमाम राष्ट्राध्यक्ष कर रहे हैं.

मायावती उठा चुकी हैं सवाल, सपा खामोश

धनराज नाथवानी को सपा का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा था. उन्होंने नाथवानी के कॉरपोरेट कनेक्शन को सपा के PDA की राजनीति से जोड़कर सवाल उठाए थे. अब धनराज नाथवानी ने मायावती को फिर से मौका दे दिया है. वहीं, सपा की ओर से इस मामले में चुप्पी साध ली गई है. कोई भी प्रवक्ता या नेता फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहा है.