शिमला। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस साल 12 अक्टूबर, सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग और संयम का प्रतीक हैं। उनकी पूजा करने से भक्तों को धैर्य रखने, मन को शांत रखने और मुश्किल समय में हिम्मत न हारने की प्रेरणा मिलती है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी को कौन-से फूल और भोग पसंद हैं, पूजा में किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए और माता की पूजा कैसे करें।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में कौन-सा रंग पहनें?
नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक है। इस दिन भक्त सफेद या पीले रंग के कपड़े पहनकर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर सकते हैं।
मां ब्रह्मचारिणी को चढ़ाएं ये फूल
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में सफेद और लाल फूल चढ़ाए जाते हैं। भक्त माता को चमेली, कमल या गुड़हल के फूल अर्पित कर सकते हैं। फूल चढ़ाते समय पूजा स्थल की साफ-सफाई और मन में श्रद्धा का ध्यान रखें।
मां ब्रह्मचारिणी को किस चीज का भोग लगाएं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री और शक्कर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा माता को खीर, सफेद बर्फी या दूध से बनी मिठाई भी चढ़ा सकते हैं। पूजा के बाद भोग को प्रसाद के रूप में परिवार और दूसरे भक्तों में बांट दें।
मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते समय उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
- बीज मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः
- ध्यान मंत्र: दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा - देवी स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
इस तरह करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
- सुबह स्नान करें- सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- पूजा स्थल साफ करें – मंदिर या पूजा करने वाली जगह की सफाई करें। इसके बाद मां दुर्गा और कलश को प्रणाम करके पूजा शुरू करें।
- पूजा का संकल्प लें – हाथ में जल और अक्षत लेकर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा और व्रत का संकल्प करें।
- दीपक और धूप जलाएं- माता की तस्वीर या मूर्ति के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं। चाहें तो पूजा स्थल पर गंगाजल भी छिड़क सकते हैं।
- माता को पूजा सामग्री चढ़ाएं- मां ब्रह्मचारिणी को कुमकुम, चंदन, अक्षत, हल्दी और सुगंधित इत्र अर्पित करें।
- फूल चढ़ाएं: माता को सफेद या पीले फूल चढ़ाकर उनका ध्यान करें।
- मंत्रों का जाप करें- श्रद्धा के साथ मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का जाप करें। आप चाहें तो मंत्र का 108 बार जाप भी कर सकते हैं।
- भोग लगाएं – माता को मिश्री, शक्कर, खीर या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
- आरती करें – आखिर में मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति व खुशहाली की प्रार्थना करें।
- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा के साथ माता का ध्यान करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की आराधना से भक्तों को धैर्य, संयम और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।



