दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को हिरासत में लिया है. इन पर जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के प्रयास का आरोप है. इस बीच CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने इसे कानूनी अधिकारों का उल्लंघन बताया है और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है.

CJP का दावा है कि पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिए गए सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य नेताओं को वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है. साथ ही आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने उनके फोन भी छीन लिए हैं. CJP ने सवाल किया कि किस कानूनी अधिकार के तहत उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और उनके वकील को मिलने से क्यों मना किया जा रहा है?

‘SHO ने वकील को मिलने से मना कर दिया’

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने जंतरमंतर पर तिरंगा लहराने के लिए हिरासत में ले लिया है. वहीं, अब जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन के SHO ने वकील को उनसे मिलने से मना कर दिया है, जबकि उनके फोन जब्त कर लिए गए हैं, जो गंभीर चिंता की बात है.

Today morning @SauravDassss, @AshutoshRanka and @AjinkyaCJP, along with other leaders, were detained by Delhi Police for waving National Flag at Jantar Mantar.

Now the SHO of Jaffarpur Kalan police station has refused to let the lawyer meet them, while their phones have been confiscated, raise serious concerns.

Under what legal authority are they being detained and why is their lawyer being denied access?

@Cockroachisback

— Ratna Singh October 13, 2026

सौरव दास समेत सीजेपी के कई सुबह अपने हाथों में तिरंगा लेकर अचानक JDU दफ्तर की तरफ से जंतर मंतर पर पहुंच गए थे. पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने जंतर मंतर साइट को डिनोटिफाइड किया है. इसके बावजूद सीजेपी नेता वहां पहुंच गए थे. इन पर प्रतिबंध के बावजूद जंतर मंतर पर फिर से प्रदर्शन का प्रयास करने का आरोप है.

‘तिरंगा लहराना कब से कानून का उल्लंघन हो गया’

वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी तिरंगा लेकर कॉकरोच जंतरमंतर में घुसने पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. दीपके ने कहा कि तिरंगा लहराना कब से कानून का उल्लंघन हो गया? क्या अब भारतीय झंडा लहराना कानून का उल्लंघन है? अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक अलग पोस्ट में लिखा, ‘आप विरोध को खत्म नहीं कर सकते’.

दिल्ली में चुनाव आयोग में कथित अनियमितता, वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर सीजेपी समेत अन्य राजनीतिक संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. बीते दिन गृह मंत्रालय ने जंतरमंतर पर प्रोटेस्ट करने से रोक लगा दी थी. इसके बदले रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी है.