पंजाब के अमृतसर में लाखों रुपये के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद में एक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि दुकानदार की दुकान में घुसकर उसके साथ मारपीट की गई और तेजधार हथियार से पेट और पीठ पर कई वार किए गए. मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी की अमृतसर ईस्ट से विधायक जीवनजोत कौर के निजी सहायक मनिंदर सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पक्खपुरा इलाके के रहने वाले अश्वनी कुमार अमृतसर के मजीठा रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते हैं. 17 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे वह अपनी दुकान पर मौजूद थे. इसी दौरान मजीठा निवासी गुरा सिंह अपने बेटों राणा और जगप्रीत सिंह के साथ वहां पहुंचा. उनके साथ गुरा सिंह का एक दामाद और AAP विधायक का PA मनिंदर सिंह भी मौजूद थे.

आरोप है कि दुकान में घुसते ही आरोपियों ने अश्वनी कुमार के साथ गालीगलौज शुरू कर दी. जब अश्वनी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया. विधायक के पीए मनिंदर सिंह और गुरा सिंह के दामाद ने पीड़ित अश्वनी कुमार को कसकर दबोच लिया, ताकि वो हिल न सकें. इसी दौरान गुरा सिंह के बेटे राणा ने जान से मारने की नीयत से अश्वनी पर हमला किया.

अश्वनी गंभीर रूप से घायल, ऑपरेशन की आई नौबत

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों नेलोहे की किरच से अश्वनी के पेट और पीठ पर ताबड़तोड़ कई वार किए. इस हमले में अश्वनी कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े.दुकान के भीतर चीखपुकार और शोर मचने पर जब आसपास के दुकानदार और राहगीर इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए.

गंभीर रूप से घायल अश्वनी कुमार को तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से अमृतसर के अमनदीप अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज और ऑपरेशन शुरू किया है.

450000 रुपये का विवाद और पुरानी रंजिश

पीड़ित अश्वनी कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपी गुरा सिंह के साथ उनका पुराना पैसों का विवाद चल रहा है. अश्वनी ने गुरा सिंह को ₹4,50,000 उधार दिए हुए थे. जब भी वो अपने पैसे वापस मांगते थे, तो आरोपी अक्सर उनके साथ रंजिश रखता था और पहले भी कई बार उनके साथ गालीगलौज और झगड़ा कर चुका था. इसी रंजिश के तहत योजना बनाकर इस जानलेवा हमले को अंजाम दिया गया.