केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आज यानी 22 अक्तूबर को 62वां जन्मदिन है. इस दिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से लेकर तमाम दिग्गजों ने उन्हें बधाई दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक संदेश मे प्रधानमंत्री मोदी ने गृह मंत्री शाह की प्रशासनिक क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है.उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार के प्रयासों और नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की.

2014 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी का तेजी से विस्तार हुआ और पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी. इसके बाद शाह के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 के खात्मे से लेकर नक्सलवाद के खात्मे तक तमाम बड़े कार्य किए गए हैं. आइए जानते हैं कि उनके कार्यकाल में कौनकौन सी उपलब्धिया हैं?

जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने

भाजपा का ऐतिहासिक विस्तार: 2014 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी.

मई 2018 तक भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें 21 राज्यों में थीं.

जब देश के गृह मंत्री बने

अनुच्छेद 370: गृह मंत्री बनने के लगभग दो महीने के भीतर, अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर जम्मूकश्मीर में शांति के एक नए युग की शुरुवात की.

CAA: नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए पात्र धार्मिक अल्पसंख्यक प्रवासियों के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया.

नए आपराधिक कानून: औपनिवेशिक काल के IPC, CrPC और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नवीन न्याय संहिताएं लागू की.

जेल सुधार: 1894 के औपनिवेशिक जेल अधिनियम के स्थान पर 2023 में मॉडल प्रिजन एक्ट तैयार किया, जिसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित किया गया.

PFI पर प्रतिबंध: सितंबर 2022 में PFI और उससे जुड़े संगठनों पर UAPA के तहत पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया.

आतंकवाद के विरुद्ध कानूनी सशक्तीकरण: UAPA और NIA अधिनियम में संशोधनों के जरिए आतंकवाद से निपटने के कानूनी प्रावधानों तथा जांच संबंधी शक्तियों का विस्तार किया.

फॉरेंसिक अवसंरचना: राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के विस्तार और नए परिसरों के माध्यम से फॉरेंसिक शिक्षा एवं वैज्ञानिक जांच के संस्थागत ढाँचे को मजबूत करने की पहल की.

पूर्वोत्तर में शांति: विभिन्न उग्रवादी संगठनों के साथ कई शांति समझौते किए, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देना है. 14 से अधिक शांति और विवाद को मिटाने वाले समझौते किए.

नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान: देश के लिए नासूर बनी नक्सलवाद की समस्या को मूल समेत उखाड़ने के अपने संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने मार्च 2026 तक पूरे देश को नक्सलवाद से मुक्त करवाया

अभियान जारी हैं

नशामुक्त भारतः देश में नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए उनके नेतृत्व में देशव्यापी नशामुक्त भारत अभियान शुरू हुआ है, जिसमें नशे के कार्टेल के विरुद्ध टॉप टू बॉटम और बॉटम टू टॉप अप्रोच से कार्रवाई की जा रही है, ड्रग्स के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त किया जा रहा है.

भगौड़ों पर कार्रवाहीः भारत में अपराध, ड्रग्स, तस्करी, संगठित अपराध जैसे कार्य कर बाहर भाग जाने वाले या विदेशों में बैठकर इसकी नेटवर्किंग करने और भारत विरोधी कार्य करने वालों को चुन चुनकर भारत वापस लाया जा रहा है, इसके लिए NIA में अलग वर्टिकल बने हैं, इंटरपोल और अलग अलग देशों की एजेंसियों के साथ समझौते हुए हैं.

स्मार्ट बॉर्डरः देश की सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए स्मार्ट बॉर्डर बनाया जा रहा है, इसके लिए गृह मंत्री जी ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का मंत्र दिया है जिसमें सेना, CAPF, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय निवासी मिलकर सीमा क्षेत्र को सुरक्षित बनाएंगे.

घुसपैठियों के खिलाफ अभियानः घुसपैठियों के खिलाफ उनके नेतृत्व में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध निर्माण से लेकर फाइनेंसियल मामलों में कार्रवाई के लिए अलग अलग एजेंसियों को साथ लेकर काम किया जा रहा है.