दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रदर्शनी लगाई गई थी. इस प्रदर्शनी में ज्यादातर तस्वीरें हाल ही में हुए प्रोटेस्ट से जुड़ी हुई थीं. ये प्रदर्शनी प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की थी. रेहान का आरोप है कि प्रदर्शनी से उनकी ज्यादातर तस्वीरों को हटा दिया गया है. इस प्रदर्शनी का नाम था ‘नो आइडिया इज फाइनल’ था.

इसमें दिल्ली में हाल ही में हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें थीं. प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही उन्हें ये तस्वीरें हटानी पड़ीं. रेहान ने कहा कि ये तस्वीरें दिल्ली के युवा प्रदर्शनों से जुड़ी थीं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा कि शायद ये तस्वीरें आपत्तिजनक मानी गईं.
कितनी तस्वीरें हटाई गईं?
रेहान ने कहा, “मेरा मकसद अपने देश में हो रहे आंदोलनों को डॉक्यूमेंट करना था. कलात्मक नजरिए से मैं इन आंदोलनों की लय और कविता को कैद करना चाहता था, जो तब देखने को मिलती है जब लोग एक साथ आते हैं.” उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने ‘टाइमिंग’ पर सवाल उठाए थे. ये प्रदर्शनी नई दिल्ली में राजस्थान सरकार की तरफ से चलाए जा रहे बीकानेर हाउस में आयोजित की गई.
रेहान ने बताया कि उनसे कहा गया कि वे प्रदर्शनी से 105 में से 75 तस्वीरें हटा दें, वरना प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी. इनमें दो ऐसी तस्वीरें थीं जिनमें तिरंगा दिख रहा था. उन्होंने शुरुआत में, खासकर उन दो तस्वीरों को हटाने से मना कर दिया था. उन्होंने बताया कि जब वो कार्यक्रम स्थल से बाहर गए, तो बीकानेर हाउस के कर्मचारियों ने उन दो तस्वीरों में से एक को हटा दिया. कुल मिलाकर, 74 तस्वीरें हटानी पड़ीं.
‘ये पूरे देश के युवाओं की आवाज दबाना चाहते हैं’
बीकानेर हाउस के अधिकारियों ने सवालों का कोई जवाब नहीं दिया. प्रियंका गांधी ने बीकानेर हाउस के इस कदम को “बेतुका” बताया. प्रियंका ने कहा, “आप क्या सोचते हैं? वो एक युवा लड़का है, लेकिन मुझे लगता है कि आप जानते हैं कि वे पूरे देश में युवाओं की आवाज दबा रहे हैं. इसलिए यह उम्मीद करना लाजिमी है कि वे किसी के भी साथ ऐसा कर सकते हैं.”
प्रियंका ने कहा, “उनकी तस्वीरों में विरोधप्रदर्शन दिख रहे हैं. न कोई टिप्पणी है, न ही कोई ऐसी चीज है जो किसी के लिए अपमानजनक हो. ये बस विरोधप्रदर्शन का एक विज़ुअल डॉक्यूमेंट है. तो, साफ है कि उनकी सोच यही है. अब ये लोकतंत्र नहीं रहा. आज वो है, कल कोई और कलाकार होगा.”



