लखनऊ, 23 अक्टूबर। योगी सरकार प्रदेश में सरकारी कामकाज को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।

इससे सरकारी पत्रों का प्रारूप तैयार करने, फाइलों की टिप्पणी और मसौदा बनाने, रिपोर्ट का सारांश तैयार करने, अनुवाद करने और प्रस्तुतियां बनाने जैसे कार्यों में मदद मिलेगी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों का समय बचेगा तथा विभागीय कामकाज को गति देने में सहायता मिलेगी।
रूपाम के रिट्रीट कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक पर मंथन
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने सरकारी कार्यों में एआई और डिजिटल तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस विषय पर 17 अक्टूबर को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी , लखनऊ में आयोजित रिट्रीट कार्यक्रम में चर्चा हुई।
इसमें विभाग के अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक के जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और कार्यक्षमता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचारविमर्श किया। तकनीक के प्रभावी उपयोग से सरकारी कामकाज को व्यवस्थित करने और अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में नए अवसर सामने आए हैं।
ईऑफिस से पारदर्शिता और विभागीय समन्वय को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम में ईऑफिस, मानव संपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता, लाभार्थियों की पहचान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
इसके साथ ही कार्यालयी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निर्णय लेने में होने वाली देरी कम करने और कार्यस्थल पर संवाद व टीम भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया। डिजिटल व्यवस्था के बेहतर इस्तेमाल से फाइलों के निस्तारण में तेजी लाने और प्रशासनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।



