नोएडा के सेक्टर125 में शनिवार को एक कैफे में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि गैस सिलिंडर रिसाव के चलते कैफे में आग लगी और देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की 4 दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं. घटना के बाद इलाके में धुएं का घना गुबार दिखाई देने लगा. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया. फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है.

जानकारी के अनुसार, नोएडा के सेक्टर125 स्थित एक निजी कैफे में गैस रिसाव के बाद आग लग गई. शुरुआत में आग कैफे तक सीमित थी, लेकिन कुछ ही देर में लपटें फैलने लगीं. देखते ही देखते आसपास की तीन से चार दुकानें भी आग की चपेट में आ गईं.

आग बढ़ने के साथ ही मौके पर धुएं का घना गुबार छा गया. दूर से ही धुआं दिखाई देने के कारण आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी. आग की लपटें देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. घटना के बाद आसपास की दुकानों में मौजूद लोगों ने भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती.

आग की सूचना पर दमकल विभाग अलर्ट

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को जानकारी दी गई. इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया गया. आग की तीव्रता को देखते हुए दमकलकर्मी लगातार लपटों को बुझाने में जुटे रहे.

फायर ब्रिगेड के चीफ ऑफिसर प्रदीप चौबे के मुताबिक, आग किनकिन दुकानों में लगी और वहां किस तरह का सामान रखा हुआ था, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. आग से हुए नुकसान का आकलन भी आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही किया जा सकेगा.

दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर मौजूद

फिलहाल घटनास्थल पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौजूद हैं. दमकलकर्मी आग बुझाने और उसे आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. आग की वजह से इलाके में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है.

मौके पर मौजूद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं. आसपास के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. आग लगने के कारण प्रभावित दुकानों में मौजूद सामान को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है.

शुरुआती जानकारी में गैस सिलिंडर रिसाव को आग लगने की वजह बताया जा रहा है. हालांकि, घटना के सटीक कारणों और आग फैलने की परिस्थितियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी.