DelhiMumbai Expressway Update: दिल्लीमुंबई एक्सप्रेसवे का 35.4 किलोमीटर सेक्शन का काम अधर लटक गया है, क्योंकि इस सेक्शन का टेंडर चौथी बार फेल हो गया है. ये 35.4 किलोमीटर का सेक्शन गुजरात में नवासारी और वलसाड जिले के बीच जुजुवागण देवा सेक्शन है. पांच साल में चौथी बार टेंडर फेल हुआ है. इससे प्रोजेक्ट की डेडलाइल बढ़ सकती है.

भोपाल की बंसल कंस्ट्रक्शन वर्क्स प्रा. लि. ने सबसे कम बोली लगाई थी, लेकिन ठेका लेने से इनकार कर दिया है. एनएचएआई ने कंपनी की 14.76 करोड़ की बिड सिक्योरिटी मनी जब्त कर ली है. सूरत एनएचएआई के एक अधिकारी ने टेंडर से जुड़े सभी फैसले दिल्ली से लिए जाने की बात कही. अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली के निर्देश पर ही आगे की प्रक्रिया की जाती है. उनको टेंडर की रद्द होने की जानकारी नहीं है.

2028 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य

2028 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन टेंडर के फेल होने से अब काम में देरी हो सकती है. इस काम की डेडलाइन तीन बार आगे बढ़ चुकी है. इस सेक्शन का काम पहले 2026 तक पूरा होना था. उसके बाद इसकी डेडलाइन 2027 की गई. फिर 2028 कर दी गई. इस सेक्शन के बाकी बचे काम की अनुमानित लागत 1476 करोड़ थी. बंसल कंस्ट्रक्शन 10 फीसदी कम बोली लगाकर बोलीदाता बनी थी.

दो बार कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट किया गया समाप्त

कंपनी ने ठेका लेने इनकार करने की कोई ठोस वजह नहीं बताई है. इस सेक्शन का पहला ठेका पुणे की रोडवे सॉल्यूशंस इंडिया इंफ्रा लिमिटेड को साल 2021 में हाइब्रिड एन्युइटी मोड में मिला था. देरी के कारण मार्च 2023 में अनुबंध समाप्त कर दिया गया. नवंबर 2023 में दोबारा इसी कंपनी को काम सौंपा गया.

इस बार ईपीसी मोड में कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, लेकिन काम की प्रगति संतोषजनक नहीं रही, जिसकी वजह से यह कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त कर दिया गया. अभी इस सेक्शन का भौतिक काम सिर्फ 4.85 फिसदी ही पूरा हुआ है.