कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने रविवार को कहा कि एक्जेम्प्टेड प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट चलाने वाले संस्थानों को एमनेस्टी स्कीम 2026 के तहत अपनी कानूनी स्थिति नियमित कराने का मौका दिया जा रहा है. यह सुविधा 29 जून 2026 से शुरू होकर अगले कुछ महीनों तक उपलब्ध रहेगी.

यह योजना उन संस्थानों पर लागू होगी, जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट चला रहे हैं, लेकिन उनके पास केंद्र सरकार या राज्य सरकार की ओर से जारी औपचारिक छूट की अधिसूचना नहीं है.

किन संस्थानों को मिलेगा फायदा?

जो संस्थान अपने PF ट्रस्ट को पिछली तारीख से नियमित कराना चाहते हैं और जिन्होंने पहले ही बिना छूट वाले संस्थान के रूप में नियमों का पालन शुरू कर दिया है या आगे ऐसा करने का विकल्प चुना है, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे.

इसके अलावा, जो संस्थान सामाजिक सुरक्षा संहिता , 2020 के तहत आगे भी छूट प्राप्त संस्थान के रूप में काम करना चाहते हैं, वे भी एमनेस्टी स्कीम के तहत अपने ट्रस्ट को पिछली तारीख से नियमित कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

एक बार का विशेष मौका

EPFO ने कहा कि एमनेस्टी स्कीम 2026 एक वनटाइम अवसर है. इसके जरिए आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त छूट प्राप्त PF ट्रस्ट चलाने वाले संस्थान अपनी कानूनी स्थिति को नियमित करा सकेंगे.

किन नियमों के तहत मिलेगी मान्यता?

EPFO के अनुसार, आयकर अधिनियम, 2025 के तहत मान्यता केवल उन्हीं प्रोविडेंट फंड को मिलेगी, जिन्हें कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत छूट मिली होगी.

एमनेस्टी स्कीम के तहत ऐसे संस्थानों को धारा 17 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 के तहत पिछली तारीख से छूट का लाभ दिया जाएगा.

क्याक्या मिलेगी राहत?

जो संस्थान इस योजना के तहत अपनी स्थिति नियमित कराएंगे, उन्हें सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या और ट्रस्ट के न्यूनतम कॉर्पस से जुड़ी शर्तों में छूट मिलेगी.

इसके अलावा, PF बकाया, हर्जाना और ब्याज से जुड़े लंबित आकलन भी वापस ले लिए जाएंगे, बशर्ते कर्मचारियों के PF खातों में वैधानिक दर के बराबर या उससे अधिक ब्याज और अंशदान जमा किया गया हो.