भारत ने हाल ही में एक बड़ा लक्ष्य हासिल करते हुए पूरे देश में E20 पेट्रोल की सप्लाई शुरू कर दी है. अब देश के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल वाला E20 फ्यूल उपलब्ध है. खास बात यह है कि भारत ने यह लक्ष्य सरकार की तय समयसीमा 2030 से कई साल पहले ही पूरा कर लिया है. हालांकि, होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी बहस छिड़ गई है. कई वाहन मालिकों का दावा है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से उनकी गाड़ी का माइलेज कम हो गया है और कुछ लोगों ने इंजन पर असर पड़ने की भी शिकायत की है.

दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल से सामान्य परिस्थितियों में वाहनों के इंजन को नुकसान होता है. सरकार का यह भी दावा है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से देश ने 201415 से अब तक 1.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का विदेशी मुद्रा खर्च बचाया है, साथ ही गन्ना किसानों और चीनी उद्योग को भी फायदा मिला है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।

क्या होता है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% सामान्य पेट्रोल होता है. एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जिसे गन्ना, मक्का और अन्य अनाज जैसी फसलों से बनाया जाता है. इसी तरह E10 में 10% एथेनॉल और E30 में 30% एथेनॉल मिलाया जाता है. एथेनॉल मिलाने का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को घटाना है. एथेनॉल में ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे ईंधन बेहतर तरीके से जलता है और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे प्रदूषकों का उत्सर्जन कम होता है.

किन देशों में इस्तेमाल हो रहा है E20 या उससे ज्यादा एथेनॉल वाला पेट्रोल?

  • ब्राजील में 50 साल से ज्यादा समय से एथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है. हाल ही में ब्राजील ने पेट्रोल में एथेनॉल की अनिवार्य मात्रा 30% से बढ़ाकर 32% करने का फैसला लिया है. इतना ही नहीं, वहां E100 यानी 100% एथेनॉल भी उपलब्ध है, जिसे खास फ्लेक्सफ्यूल वाहनों में इस्तेमाल किया जाता है.
  • पराग्वे में सरकार ने E30 पेट्रोल को अनिवार्य किया है. इसका मकसद आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और अपने गन्ना उद्योग को बढ़ावा देना है.
  • थाईलैंड में भी E20 आम फ्यूल है, इसके अलावा वहां सरकार टैक्स में छूट और अन्य लाभ देकर E85 फ्यूल के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देती है.
  • बोलीविया में E25 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि दूसरे ईंधनों पर निर्भरता कम हो सके.
  • जिम्बाब्वे में सरकार ने पूरे देश में E20 पेट्रोल को अनिवार्य कर रखा है.
  • फिलीपींस में E10 पेट्रोल अनिवार्य है, जबकि तेल कंपनियां जरूरत के अनुसार E20 भी बेच सकती हैं.
  • अमेरिका का मॉडल थोड़ा अलग है. वहां सबसे ज्यादा E10 पेट्रोल बिकता है और E15 का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है.