हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, सिर्फ डार्क चॉकलेट की खुशबू सूंघने से जिम में व्यायाम का स्तर बेहतर हो सकता है।

सिर्फ चाकलेट की खुशबू सूंघने से भी जिम में आपके व्यायाम का स्तर बेहतर हो सकता है। हाल ही में आए एक शोध में किए गए इस दावे ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं। यानि न चाकलेट खानी है, न कैलोरी लेनी है, सिर्फ उसकी खुशबू सूंघनी है।
शोध में दावा किया गया कि चाकलेट की खुशबू सूंघने से खाली पेट होने के बाद भी ‘लेग डे’ करना आसान लग सकता है । यह भी कहा गया कि यह दिमाग व शरीर से जुड़ा असर हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने क्या किया?
इस शोध में 23 युवाओं को शामिल किया गया । ये सभी पिछले दो साल से हर हफ्ते कम सेकम दो बार जिम में ‘रेसिस्टेंस ट्रेनिंग’ कर रहे थे। वे पेशेवर एथलीट नहीं थे, लेकिन नियमित रूप से जिम जाते थे। रेजिस्टेंस ट्रेनिंग वह व्यायाम होता है जिसमें मांसपेशियां किसी वजन या दबाव को बर्दाश्त करती हैं। जैसे वजन उठाना, जिम में मशीन का इस्तेमाल करना या अपने शरीर के वजन के अनुसार व्यायाम करना । इस शोध में प्रतिभागियों ने ‘लेग एक्सटेंशन’ मशीन का इस्तेमाल किया।
इसमें व्यक्ति कुर्सी पर बैठकर पैरों से वजन को ऊपर की ओर धकेलता है। हर प्रतिभागी तीन अलगअलग दिनों में प्रयोगशाला आया । हर बार वह लगभग 10 घंटे तक खाली पेट रहा। हर दौरे पर उन्हें 30 सेकंड तक तीन में से किसी एक चीज की खुशबू घाई गई। यह क्रम हर व्यक्ति के लिए अलगअलग रखा गया, जिसमें 90 प्रतिशत कोको वाली डार्क चाकलेट, 60 प्रतिशत कोको वाली मिल्क चाकलेट या सिर्फ सादा पानी शामिल था।
इसके बाद उन्होंने ‘लेग एक्सटेंशन’ मशीन पर क्षमता के अनुसार व्यायाम किया । उन्हें ऐसा वजन दिया गया जो उनकी अधिकतम क्षमता का लगभग 80 प्रतिशत था । उन्हें 1010 रैप वाले जितने सेट कर सकते थे, उतने करने थे। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। हर सेट के बीच वे फिर से उसी जार की खुशबू सूंघते थे। तक व्यायाम करते रहे, जब तक लगा कि अगला सेट पूरा नहीं कर पाएंगे।
शोध में क्या पता चला?
जिन लोगों ने डार्क चाकलेट की खुशबू सूंघी, उन्होंने औसतन 18 रैप ज्यादा किए। जिन्होंने मिल्क चाकलेट सूंघी, उन्होंने लगभग नौ रैप ज्यादा किए। यानी डार्क चाकलेट की खुशबू से प्रदर्शन में 25 प्रतिशत से भी ज्यादा सुधार देखने को मिला, जो काफी बड़ा असर माना जाता है।
दूसरे शोध बताते हैं कि कैफीन लेने से आम तौर पर हर सेट में सिर्फ लगभग एक अतिरिक्त रैंप ही बढ़ता है | इसलिए इस शोध का परिणाम बड़ा माना गया ।
भूख पर क्या असर पड़ा?
प्रतिभागियों से पूछा गया कि खुशबू सूंघने के बाद उन्हें कितनी भूख महसूस हुई। डार्क चाकलेट की खुशबू से कम भूख लगी । मिल्क चाकलेट से भूख में खास फर्क नहीं पड़ा। हालांकि अधिकांश लोगों को मिल्क चाकलेट की खुशबू, डार्क चकलेट पानी दोनों से ज्यादा अच्छी लगी।
शोधकर्ताओं का क्या मानना है?
शोधकर्ताओं का कहना है कि जब हमें भूख लगती है, तो ध्यान बंट जाता है, जिससे जिम में व्यायाम का स्तर थोड़ा कम हो सकता है। डार्क चाकलेट की खुशबू शायद दिमाग को यह एहसास दिलाती है कि पेट कुछ हद तक भरा हुआ है, जिससे व्यक्ति ज्यादा देर तक और बेहतर तरीके से व्यायाम कर पाता है। डार्क चाकलेट का असर मिल्क चाकलेट से ज्यादा क्यों हुआ, इसका सही कारण अभी साफ नहीं है।



