Hyderabad News: आईटी सेक्टर में कर्मचारियों के अधिकारों, कार्य संस्कृति और वर्कलाइफ बैलेंस को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हैदराबाद में नामी IT कंपनी की महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर कृति ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ उत्पीड़न, अनुचित व्यवहार और बीमारी के आधार पर अचानक नौकरी से निकालने का आरोप लगाते हुए दुंडीगल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत दर्ज कराने के बाद पीड़िता ने कंपनी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया.

कृति का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण जब उन्होंने छुट्टी ली, तो पहले से सूचना देने और सभी मेडिकल रिपोर्ट्स जमा करने के बावजूद प्रबंधन का व्यवहार नकारात्मक रहा. चिकित्सक द्वारा आराम की सलाह दिए जाने के बावजूद कंपनी अधिकारी लगातार कॉल और ईमेल भेजकर तुरंत काम पर वापस लौटने का अनुचित दबाव बनाते रहे. इसके बाद जब उनके बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें दोबारा अवकाश लेना पड़ा, तो प्रबंधन ने असंवेदनशील रवैया अपनाया और बिना किसी पूर्व नोटिस या लिखित स्पष्टीकरण के उन्हें नौकरी से निकाल दिया.
‘वॉशरूम जाने के लिए भी अनुमति अनिवार्य…’
महिला इंजीनियर ने IT कंपनियों की कार्यप्रणाली और नियमों पर गहरा असंतोष जाहिर किया है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाया कि कार्यालय परिसर में कर्मचारियों को वॉशरूम जाने के लिए भी पहले अनुमति लेनी पड़ती थी, जो कर्मचारियों के आत्मसम्मान का सीधा हनन है. उन्होंने कहा कि पेशेवर जीवन में ऐसी कठोर और दमघोंटू कार्य संस्कृति उन्होंने कहीं नहीं देखी. विशेषकर महिला कर्मचारियों पर घर, बच्चों और ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए कंपनियों को बीमारी या आपात स्थिति में अधिक संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए.
पुलिस जांच और कंपनी के बयान का इंतजार
मामला सार्वजनिक होने के बाद से IT जगत में हलचल मची हुई है. भावना ने दुंडीगल पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है. हालांकि, महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर IT कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पुलिस द्वारा मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने या प्रारंभिक जांच की स्थिति पर भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.



