Breakfast Paratha Recipe :कलौंजी की तरह अजवाइन का उपयोग भी भारतीय रसोई में तड़के, अचार और कई स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से किया जाता है खासतौर पर, अजवाइन का पराठा स्वाद में तो मजेदार होता ही है, साथ ही यह आपकी सेहत खासकर पाचन तंत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

अजवाइन में मौजूद ‘थाइमोल’ नाम का कंपाउंड पेट में डाइजेस्टिव एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे खाना जल्दी पचता है और पेट की गैस तुरंत आराम मिलता है। यहां हम आपके लिए अजवाइन का पराठा की रेसिपी लेकर आए हैं। फटाफट नोट करें रेसिपी।
अजवाइन का पराठा की सामग्री
- गेहूं का आटा: 2 कप
- अजवाइन: 1 से 1.5 छोटा चम्मच
- देसी घी या तेल: पराठा मोयन और सेकने के लिए
- नमक: स्वादानुसार
- हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
- पानी: आटा गूंथने के लिए
अजवाइन का पराठा बनाने का तरीका
- बनाने के लिए एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा छान लें। अब इसमें अजवाइन को अपनी हथेलियों के बीच थोड़ा सा मसलकर डालें। फिर नमक, थोड़ा सा देसी घी और बारीक कटा हरा धनिया मिलाएं।
- फिर थोड़ाथोड़ा पानी डालते हुए एक नरम और लचीला आटा गूंथ लें। आटे को ढककर 1015 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि पराठे सॉफ्ट बनें।
- गूंथे हुए आटे से मध्यम आकार की लोइयां तोड़ें। एक लोई पर सूखा आटा लगाएं और उसे गोल बेल लें। पराठे को ज्यादा परतदार बनाने के लिए बेली हुई रोटी पर थोड़ा सा घी और चुटकी भर लाल मिर्च छिड़कें, फिर इसे त्रिकोण या लच्छेदार मोड़कर दोबारा बेल लें। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
- तवे को मध्यम आंच पर गरम करें। बेले हुए पराठे को तवे पर डालें। जब एक तरफ हल्का सा सिक जाए, तो पलट दें। अब दोनों तरफ थोड़ाथोड़ा देसी घी या तेल लगाकर हल्का दबाते हुए सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेकें। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। फिर चाय या अचार के साथ इसका लुत्फ उठाएं।
अजवाइन पराठा के फायदे
अजवाइन का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवा के हिस्से के तौर पर पाचन की समस्याओं के इलाज के लिए घरेलू नुस्खे के तौर पर किया जाता है। ये छोटे बीज गैस और पुरानी बदहजमी को भी रोक सकते हैं और उसका इलाज कर सकते हैं।
अगर आपको पेट में लगातार दर्द महसूस हो रहा है, तो आप दर्द से लगभग तुरंत राहत पाने के लिए गर्म पानी के साथ अजवाइन चबा सकते हैं।
अजवाइन के बीज खांसी से राहत दे सकते हैं और फेफड़ों में हवा के बहाव को बेहतर बना सकते हैं। पाने के लिए आप अपनी चाय में अजवाइन मिला सकते हैं। हालांकि, सांस से जुड़ी ऐसी दिक्कतों पर अजवाइन के असर को समझने के लिए और रिसर्च की ज़रूरत है।
अजवाइन में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। पुरानी सूजन शरीर में ज़्यादातर बीमारियों की जड़ हो सकती है।



