नीट विवाद पर भाजपा को अपने ही नेताओं की बेटियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से छात्रों का समर्थन किया है।

नीट विवाद को लेकर भाजपा अपनों के ही अपनों के निशाने पर आ गई है। रविवार को पार्टी को उस समय भारी असहजता का सामना करना पड़ा, जब भाजपा के दो दिग्गज राजनेताओं की बेटियों ने सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। असम से लेकर ओडिशा तक भाजपा को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है, जहां मुख्यमंत्रियों और शीर्ष नेताओं को डैमेज कंट्रोल के लिए सामने आना पड़ा।
इस विवाद के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को अपने कैबिनेट सहयोगी केशव महंत का बचाव करना पड़ा, जबकि ओडिशा में भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी के कार्यालय ने उनकी बेटी के विचार व्यक्त करने के अधिकार का समर्थन किया।
मंत्री की बेटी ने किया प्रदर्शन
असम में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री तथा असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता केशव महंत को तब आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जब उनकी बेटी दिबिसा महंत कथित तौर पर गुरुवार को गुवाहाटी में एक छात्र विरोध प्रदर्शन में देखी गईं।
वह कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थीं। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। सामने आए कथित वीडियो में उन्हें केंद्र सरकार की आलोचना करते और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए भी देखा गया।
बच्चों के राजनीतिक विचारों के लिए मातापिता जिम्मेदार नहीं
अपने सहयोगी का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वयस्क बच्चों के कार्यों या उनके राजनीतिक विचारों के लिए मातापिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। सरमा ने कहा, “मैं यह कैसे बता सकता हूं कि मेरा बेटा या बेटी क्या करेंगे? आजकल बच्चे हमेशा अपने मातापिता की नहीं सुनते, खुद मेरे बच्चे कई मामलों में मेरी बात नहीं सुनते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिबिसा की कथित टिप्पणियां गलत थीं, लेकिन उनके पिता को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। सरमा ने सलाह दी कि महंत को इस विवाद से ध्यान भटकाने के बजाय बाढ़ राहत कार्यों पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। वहीं, असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि मातापिता को बच्चों को सिर्फ निर्देश देने के बजाय राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके साथ बातचीत करनी चाहिए।
भाजपा सांसद की बेटी ने प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत
ओडिशा में भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाया। बाद में उन्होंने लिखा कि मेरे रिश्तेदारों सहित पूरी भाजपा धर्मेंद्र प्रधान के साथ है। लेकिन मैं छात्रों के साथ हूं। यह लोकतंत्र है।
सारंगी के कार्यालय सहायक धनेश्वर बारिक ने इस पोस्ट का बचाव करते हुए कहा कि हर किसी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। ओडिशा भाजपा के महासचिव बिरंची नारायण त्रिपाठी ने भी पार्टी को इस विवाद से दूर रखा और कहा कि राहर के विचार उनके व्यक्तिगत हैं तथा उनके पोस्ट को लेकर भाजपा के भीतर कोई असंतोष नहीं है।



