बच्चों के बड़े होने के साथसाथ उनकी पढ़ाई और आगे के करियर का खर्च भी तेजी से बढ़ता है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ऐसे में हर मातापिता यही सोचते हैं कि बच्चों के लिए पैसा कहां जोड़ा जाए, जो सुरक्षित भी हो और समय आने पर एक बड़ी रकम काम आ सके. अगर आप शेयर बाजार के उतारचढ़ाव से बचना चाहते हैं, तो सरकार की पब्लिक प्रॉविडेंट फंड स्कीम आपके लिए सबसे अच्छा और सेफ विकल्प है. अगर आप अपने बच्चे के नाम पर इस खाते में हर महीने सिर्फ 5,000 रुपये जमा करते हैं, तो 15 साल बाद आपके पास 16 लाख रुपये से ज्यादा का फंड तैयार हो जाएगा.

₹5,000 महीने के निवेश से कैसे बनेंगे 16 लाख?

पीपीएफ का गणित बहुत सीधा सा है. मान लीजिए, आप आज से ही अपने बच्चे के पीपीएफ खाते में हर महीने 5,000 रुपये डालते हैं. इस हिसाब से आप एक साल में 60,000 रुपये जमा करेंगे. अभी सरकार पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत का सालाना ब्याज दे रही है.

अगर 15 साल तक यही ब्याज दर बनी रहती है, तो आप इन सालों में अपनी जेब से कुल 9 लाख रुपये जमा करेंगे. अब यहां जादू होता है ब्याज का. इस 9 लाख की रकम पर आपको करीब 7,27,284 रुपये का ब्याज मिलेगा. यानी 15 साल बाद जब खाता पूरा होगा, तो आपके हाथ में लगभग 16,27,284 रुपये की एकमुश्त रकम होगी. बस एक बात ध्यान रखें कि सरकार हर तीन महीने में पीपीएफ की ब्याज दरों को चेक करती है, इसलिए फाइनल रकम में थोड़ा बहुत अंतर आ सकता है.

बच्चे का खाता खोलते समय लिमिट का रखें ध्यान

कोई भी मातापिता अपने छोटे बच्चे के नाम पर पीपीएफ खाता आसानी से खुलवा सकते हैं. लेकिन, इसमें इनकम टैक्स का एक बहुत जरूरी नियम लागू होता है. नियम ये है कि आपके अपने पीपीएफ खाते और आपके बच्चे के पीपीएफ खाते, दोनों को मिलाकर एक साल में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं किए जा सकते.

अगर आप अपने खाते में पहले से ही साल का 1.5 लाख रुपये डाल रहे हैं, तो आप उसी साल बच्चे के नाम वाले खाते में अलग से पैसा नहीं जमा कर पाएंगे. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसलिए, पैसा जमा करते समय इस लिमिट का ध्यान जरूर रखें.

टैक्स की पूरी छूट

पीपीएफ की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें टैक्स का कोई झंझट नहीं है. आप जो पैसा जमा करते हैं, उस पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. इसके अलावा, खाते में हर साल जो ब्याज जुड़ता है और 15 साल बाद जो पूरी रकम आपको मिलती है, उस पर भी सरकार एक रुपये का टैक्स नहीं काटती.

इसके साथ ही, पीपीएफ में चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा मिलता है. यानी आपके ब्याज पर भी ब्याज जुड़ता है. अगर 15 साल बाद भी आपको पैसे की जरूरत नहीं है, तो आप एक फॉर्म भरकर इस खाते को अगले 55 सालों के लिए आगे बढ़ा सकते हैं. इससे बच्चे के कॉलेज जाने तक एक बहुत बड़ा फंड तैयार हो जाएगा.

क्या यह आपके बच्चे के लिए सही विकल्प है?

अगर आप 24 साल जैसी छोटी अवधि के लिए पैसे बचाना चाहते हैं, तो पीपीएफ में पैसा न डालें क्योंकि इसमें से बीच में पैसे निकालने के नियम काफी सख्त हैं. पीपीएफ लंबी रेस का घोड़ा है. अगर आपका मकसद 15 साल बाद बच्चे की हायर एजुकेशन, कॉलेज की फीस या उसे करियर में सेटल करने के लिए एक मोटा फंड तैयार करना है, तो यह बिना किसी रिस्क के सबसे भरोसेमंद तरीका है.