World Breastfeeding Week: मां का दूध नवजात को भरपूर पोषण देता है। यह बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाता है। मां के दूध में शिशु के ब्रेन को हेल्दी बनाने वाले जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व भी होते हैं। हाल में शोधकर्ताओं ने ब्रेस्ट मिल्क में एक विशिष्ट कंपाउंड, मायोइनोसिटोल पाया। यह ऐसै कंपाउंड है, जो शिशु के मस्तिष्क में नर्व कनेक्शन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

क्यों जरूरी है जन्म के शुरुआती महीनों में स्तनपान?
नवजात शिशु का मस्तिष्क जन्म के बाद तेजी से विकसित होता है। इस दौरान उसे ऐसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जो ब्रेन सेल्स के विकास और उनके बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करें। मां का दूध प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन, मिनरल्स और कई बायो एक्टिव कंपाउंड से भरपूर होता है, जो शिशु के संपूर्ण विकास में योगदान देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती महीनों में नियमित स्तनपान करने वाले बच्चों में सीखने, समझने और याद रखने की बेहतर क्षमता विकसित होती है।
ब्रेस्टफीडिंग सप्ताह
क्या है मायोइनोसिटोल?
मायोइनोसिटोल मां के दूध में पाया जाने वाला एक नेचुरल शुगर मॉलिक्यूल है। यह सामान्य रूप से फलों, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है, लेकिन नवजात शिशु के लिए मां के दूध के माध्यम से इसकी उपलब्धता विशेष महत्व रखती है। यह यौगिक शिशु के मस्तिष्क में नर्व सेल्स के बीच बेहतर कनेक्शन बनने में मदद करता है। यही कनेक्शन आगे चलकर याददाश्त, सीखने की क्षमता और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
सिर्फ पोषण नहीं, ब्रेन डेवलपमेंट का भी आधार
केवल कैलोरी या ऊर्जा का स्रोत नहीं है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। यह एक जटिल और पोषण से भरपूर बायोफ्लूइड है। इसमें मौजूद तत्व शिशु की उम्र और विकास के अलगअलग चरणों के अनुसार उसकी जरूरत को पूरा करते हैं।
इसी कारण विशेषज्ञ जीवन के पहले छह महीनों तक केवल देते हैं। इससे शिशु को आवश्यक पोषण मिलने के साथसाथ उसके ब्रेन फंक्शनिंग, इम्युनिटी और शारीरिक विकास को भी बेहतर बनाता है।
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स्तनपान के अन्य फायदे
- शिशु की इम्युनिटी मजबूत बनाने में मदद करता है।
- पाचन तंत्र के विकास को सपोर्ट करता है।
- संक्रमण और कई सामान्य बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक है।
- स्वस्थ वजन और संपूर्ण शारीरिक विकास में मददगार। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
- मां और शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत बनाता है।


