8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगें अब औपचारिक रूप से पहुंच चुकी हैं. 15 जून को ज्ञापन जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो गई और अब आयोग इन मांगों पर विचार करेगा, जिसके बाद अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपेगा.

अक्टूबर 2025 में केंद्र सरकार द्वारा आयोग के कार्यक्षेत्र को मंजूरी दिए जाने के बाद इसका कामकाज शुरू हुआ था. आयोग के पास अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए करीब 10 महीने का समय बचा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोग लगभग 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और भत्तों में संशोधन को लेकर सुझाव देगा.

फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की सबसे बड़ी मांग

कर्मचारी संगठनों और विभिन्न एसोसिएशनों ने आयोग को दिए गए ज्ञापनों में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने और न्यूनतम बेसिक वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की है. फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है, जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक वेतन को बढ़ाकर नया वेतन तय किया जाता है. इसमें महंगाई, जीवनयापन की लागत और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखा जाता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार 2.5 से अधिक का फिटमेंट फैक्टर तय कर सकती है, जबकि कुछ कर्मचारी संगठनों ने इसे 3.15 तक करने की मांग रखी है.

पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की जगह पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग भी उठाई है. इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस , जोखिम भत्ता , बोनस, अवकाश लाभ और सेवानिवृत्ति से जुड़े अन्य लाभों में सुधार की मांग भी की गई है.

DA और DR में हाल ही में हुई बढ़ोतरी

केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद DA और DR की कुल दर बढ़कर 60 फीसदी हो गई है.

सरकार हर साल दो बार DA बढ़ाने का फैसला करती है. जुलाई 2026 से लागू होने वाला अगला DA आमतौर पर सितंबर में घोषित किया जाएगा. इसकी गणना मई और जून 2026 के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स के आंकड़ों के आधार पर होगी.

कई राज्यों में शुरू हो चुकी हैं बैठकें

8वां वेतन आयोग दिल्ली, लद्दाख, जम्मूकश्मीर, हैदराबाद, तेलंगाना और महाराष्ट्र में परामर्श बैठकें कर चुका है. उत्तराखंड में कर्मचारी संगठनों के साथ पहली औपचारिक बातचीत भी हो चुकी है. आयोग की अगली बैठकें जुलाई तक लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता में आयोजित की जाएंगी.

कर्मचारियों को उम्मीद है कि आयोग की सिफारिशों से उनके वेतन और पेंशन में बड़ा इजाफा हो सकता है, हालांकि अंतिम फैसला सरकार द्वारा तय किए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा.