Chamba News: हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में एक भेड़पालक के साथ हुए हादसे ने हर किसी को हैरान कर दिया. करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने के बाद भी भेड़पालक की जान बच गई. हादसे के बाद उसके साथियों ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना घायल साथी को पीठ पर उठाकर कई किलोमीटर का सफर तय किया, वह काबिले तारीफ है. ऐसे में कहावत जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई एक बार फिर चरितार्थ होती नजर आई.

मामला चंबा के चुराह क्षेत्र का हैं, जहां एक भेड़पालक अचानक हादसे का शिकार होकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा. बताया जा रहा है कि भेड़पालकों का समूह हर वर्ष की तरह इस बार भी लाहौलस्पीति से अपनी भेड़बकरियों को लेकर वापस घर लौट रहा था. जैसे ही दल तंगेड़ा नाले के समीप पहुंचा, इसी दौरान एक भेड़पालक का अचानक पैर फिसल गया. देखते ही देखते उसका संतुलन बिगड़ा और वह पहाड़ी से करीब 100 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा. हादसे में भेड़पालक गंभीर रूप से घायल हो गया.

साथियों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद उसके साथियों ने बिना समय गंवाए घायल भेड़पालक को खाई से बाहर निकाला. सड़क तक पहुंचने का कोई आसान रास्ता नहीं था, ऐसे में साथियों ने घायल को अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर दूर तक पैदल लेकर पहुंचे. साथियों की हिम्मत और सूझबूझ से घायल भेड़पालक को चांजू पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया. इसके बाद भूमि कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से घायल को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया.

100 फीट गहरी खाई में गिरा था भेड़ पालक

हादसा कितना गंभीर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भेड़पालक करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा था. लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. समय पर साथियों की मदद और उनके साहस ने घायल की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुश्किल वक्त में साथियों का हौसला और इंसानियत किसी की जिंदगी बचाने में सबसे बड़ी ताकत बन सकती है.