Banda News: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा जिला इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. यहां तापमान लगातार 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. तेज धूप और लू के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, जबकि सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहता है.

गर्मी का कहर, बदल गई दिनचर्या
बांदा में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम लोगों की दिनचर्या बदल दी है. बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग जरूरी काम के अलावा घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं. लू के थपेड़ों से इंसानों के साथसाथ पशुपक्षी भी बेहाल हैं.
राहत इंतजामों पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन के दावे सिर्फ कागजों और सोशल मीडिया तक सीमित हैं. शहर में न तो नियमित पानी का छिड़काव हो रहा है और न ही जगहजगह प्याऊ की पर्याप्त व्यवस्था है. लोगों का कहना है कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कलेक्ट्रेट और न्यायालय जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पानी और ठंडे पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए.
मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है. तपती दोपहर में मजदूर खुले आसमान के नीचे सीमेंट की बोरियां ढोने को मजबूर हैं. कई मजदूरों के पास न तो बीमा है और न ही श्रम विभाग में पंजीकरण, जिससे उनकी सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
प्रशासन की एडवाइजरी और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांदा जिलाधिकारी ने हीट वेव को लेकर एडवाइजरी जारी की है. बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. अधिक पानी पीने और शरीर ढककर रखने की अपील की गई है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है.
अस्पतालों में लू से निपटने के लिए विशेष इंतजाम, कोल्ड रूम और अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाएं तैयार की गई हैं. फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की नजर आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी है कि राहत मिलेगी या गर्मी का प्रकोप यूं ही जारी रहेगा.



