जब बाहर का पारा 40 डिग्री के पार पहुंचता है, तो शरीर खुद को संतुलित रखने के लिए Thermoregulation की प्रक्रिया शुरू करता है। इस दौरान पसीने के जरिए शरीर ठंडा तो होता है, लेकिन साथ ही सोडियम, पोटैशियम और अन्य जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी तेजी से बाहर निकल जाते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि ऐसी डाइट की जरूरत होती है जो शरीर में फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस दोनों को बनाए रखे। अगर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाए, तो थकान, चक्कर आना, मांसपेशियों में कमजोरी और कभीकभी लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ बिमल झाजर के मुताबिक गर्मी में बॉडी को ठंडा रखने के लिए कुछ नेचुरल फूड्स का सेवन करना और कुछ फूड्स से परहेज करना जरूरी है। गर्मियों में नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि ये शरीर को तुरंत हाइड्रेशन और जरूरी मिनरल्स देते हैं। अक्सर लोग गर्मियों में ठंडक पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स, ज्यादा कैफीन या मीठे पैकेज्ड जूस का सेवन करने लगते हैं, लेकिन ये चीजें शरीर में शुगर लेवल बढ़ाकर डिहाइड्रेशन को और बढ़ा सकती हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि गर्मी में आपका Perfect Diet Plan क्या होना चाहिए और किन हेल्दी दिखने वाली चीजों से आपको तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए।
हाइड्रेशन के लिए जरूरी नेचुरल ड्रिंक्स
गर्मियों में शरीर से पसीने के जरिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकलते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन और कमजोरी हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है, भले ही प्यास न लगे। इसके साथ नींबू पानी, नारियल पानी और ताजे फलों के जूस जैसे नेचुरल ड्रिंक्स को डाइट में शामिल करें। ये शरीर को ठंडक देते हैं, एनर्जी बनाए रखते हैं और फ्लूइड बैलेंस को बेहतर करने में मदद करते हैं।
वाटररिच फल खाएं
गर्मी के मौसम में ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। तरबूज, खरबूजा, संतरा, पपीता और अंगूर जैसे फल शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। ये फल न सिर्फ शरीर को ठंडक देते हैं बल्कि जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से एनर्जी बनी रहती है और डिहाइड्रेशन की समस्या से भी बचाव होता है।
हाइड्रेटिंग सब्जियां खाएं
गर्मियों में खीरा, लौकी, तोरी, टमाटर और पत्तेदार सब्जियां जैसे लेट्यूस का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर का फ्लूइड बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है। ये सब्जियां हल्की और आसानी से पचने वाली होती हैं, जिससे पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। इन्हें सलाद या हल्की कुकिंग के साथ अपनी डेली डाइट में शामिल करना चाहिए।
हल्का और कम ऑयली खाना खाएं
गर्मियों में तलाभुना और ज्यादा ऑयली खाना पचने में भारी होता है और शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। इसलिए इस मौसम में ऐसे फूड्स से बचना चाहिए। इसके बजाय हल्का, उबला हुआ , स्टीम्ड या हल्का पका हुआ भोजन लेना बेहतर होता है। यह न सिर्फ आसानी से पचता है बल्कि शरीर को एनर्जी भी देता है और पाचन से जुड़ी समस्याओं से बचाता है।
छोटेछोटे मील्स
गर्मी के मौसम में एक बार में ज्यादा खाना खाने की बजाय दिन भर में छोटेछोटे मील्स लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र पर दबाव कम पड़ता है और शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है। बड़े और भारी मील्स लेने से सुस्ती और अपच हो सकती है, जबकि छोटे मील्स शरीर को एक्टिव और हल्का बनाए रखते हैं।
हेल्दी ग्रेन्स
डाइट में साबुत अनाज जैसे चावल, ओट्स और होल व्हीट को शामिल करना चाहिए। ये शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट और फाइबर देते हैं, जिससे एनर्जी बनी रहती है और पाचन बेहतर होता है। रिफाइंड आटे से बने फूड्स से बचना चाहिए, क्योंकि ये जल्दी पचते नहीं और शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। साबुत अनाज गर्मियों में संतुलित डाइट का अहम हिस्सा होते हैं।
दही और छाछ का करें सेवन
गर्मियों में दही और छाछ का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। ये शरीर को ठंडक देते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं। छाछ खासतौर पर इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में मदद करती है और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत देती है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स गट हेल्थ को मजबूत करते हैं, जिससे पाचन तंत्र सही तरीके से काम करता है।
फूड हाइजीन और सेफ्टी का रखें ध्यान
गर्मी में बैक्टीरिया और जर्म्स तेजी से पनपते हैं, इसलिए खानेपीने की चीजों की साफसफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं और भोजन को ढककर रखें। बासी या लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना खाने से बचें, क्योंकि इससे इंफेक्शन और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। ताजा और साफ भोजन ही सेहत के लिए सुरक्षित होता है।



