हिमाचली खबर: उत्तर प्रदेश में सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के लिए बड़ा आदेश जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को सांसदों और विधायकों का दफ्तरों में खड़े होकर स्वागत करना होगा, उनसे पानी पूछना होगा, उनको ससम्मान विदा करना होगा। इतना ही नहीं, अफसरों को सांसदों, विधायको के फोन भी उठाने होंगे और बैठक में होने पर कॉल बैक करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत एक्शन लिया जाएगा।

'सांसदों-विधायकों का खड़े होकर स्वागत करें, पानी पूछें, ससम्मान विदा करें', UP में अफसरों और कर्मचारियों के लिए आदेश​
'सांसदों-विधायकों का खड़े होकर स्वागत करें, पानी पूछें, ससम्मान विदा करें', UP में अफसरों और कर्मचारियों के लिए आदेश​

मुख्य सचिव ने शासनादेश जारी किया

यूपी के मुख्य सचिव शशि गोयल की ओर से इस बारे में शासनादेश जारी किया है। शासनादेश में कहा गया है कि सांसदों, विधायकों को सम्मान देने, उनके फोन उठाने, प्रोटोकाल का पालन करने के निर्देश देने के लिए 2017 से फरवरी 2026 तक 15 शासनादेश जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद अब भी सांसद और विधायक का प्रोटोकॉल का पालन न करने और उनके फोन न उठाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जो कि बहुत खेदजनक हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से जारी किए गए नए शासनादेश में सभी अफसरो को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने अपने मोबाइल में सांसदों और विधायकों के मोबाइल नम्बर सेव करें और कॉल आने पर उन्हें रिसीव करें। किसी वजह से वे अगर फोन नहीं उठा पाते तो फौरन मैसेज भेजें और फिर कॉल बैक करें और जो समस्याएं हैं उन्हें दूर करें।

क्यों लिया गया फैसला?

सामने आई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कई सांसद और विधायक ये शिकायत करते हैं कि राज्य के अफसर उनकी बात नहीं सुनते, उन्हें सम्मान नही देते। ये मामला राज्य की विधानसभा में भी उठ चुका है लेकिन अफसर हैं कि सुनते ही नहीं हैं। इसी वजह से ये शासनादेश जारी किया गया है।