हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों के भरोसे को झकझोर कर रख दिया। यहां नशे की लत में डूबे एक युवक ने अपने ही दादा की स्कूटी चोरी-छिपे बेच डाली और परिवार को करीब डेढ़ साल तक इसकी भनक तक नहीं लगने दी। जब सच सामने आया तो घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
जानकारी के अनुसार, मामला तब उजागर हुआ जब हमीरपुर बाजार में युवक के चचेरे भाइयों की नजर अचानक एक स्कूटी पर पड़ी। वाहन का नंबर देखते ही उन्हें शक हुआ, क्योंकि यह वही स्कूटी थी जो करीब डेढ़ साल पहले घर से गायब हो गई थी। स्कूटी को पहचानते ही परिवार के होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस स्कूटी चला रहे युवक को वाहन समेत थाना ले आई। जांच में जो खुलासा हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। पता चला कि स्कूटी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के ही युवक ने बेची थी। आरोपी पोते ने नशे के लिए पैसे जुटाने की खातिर अपने दोस्त को यह स्कूटी करीब 17 हजार रुपए में बेच दी थी।
परिवार के अनुसार युवक काफी समय से नशे की गिरफ्त में था। उसकी गतिविधियों को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने ही घर में चोरी कर देगा।
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि स्कूटी बिकने के बाद भी सड़कों पर दौड़ती रही और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के चलते लगातार चालान कटते रहे। चूंकि वाहन अभी भी दादा के नाम पर रजिस्टर्ड था, इसलिए हर चालान का मैसेज उनके मोबाइल पर आता रहा।
परिवार ने अब तक करीब 50 हजार रुपए तक के चालान भरे, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनकी गायब हुई स्कूटी चला कौन रहा है। डेढ़ साल बाद जब बाजार में स्कूटी दिखी, तब जाकर पूरे मामले से पर्दा उठा।
उधर, हमीरपुर के SP बलवीर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने स्कूटी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ते नशे के खतरे को उजागर कर दिया है। लोग अब अभिभावकों से बच्चों की संगति और गतिविधियों पर नजर रखने की अपील कर रहे हैं, ताकि नशे का यह जहर परिवारों को तबाह न कर सके।