हिमाचल से पंजाब तक मौत का सफर: नशा मुक्ति केंद्र से भागे 3 युवक, सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। नूरपुर के एक नशा मुक्ति केंद्र से देर रात रहस्यमयी तरीके से लापता हुए तीन युवकों की कुछ ही घंटों बाद सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनके साथ कार चला रहे दोस्त की भी जान चली गई। अब इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार नूरपुर के नागावाड़ी स्थित संजीवनी फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र से सोमवार रात नरेश कुमार, विनोद कुमार और राही अचानक गायब हो गए थे। बताया जा रहा है कि तीनों युवक अपने दोस्त विक्की विक्रम के साथ कार में पंजाब की ओर निकले थे।

बताया जा रहा है कि विक्की विक्रम भदरोया क्षेत्र में काम करता था और वही अपनी कार लेकर युवकों को लेने पहुंचा था। देर रात चारों अमृतसर की तरफ जा रहे थे, लेकिन उन्हें शायद यह अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।

गुरदासपुर-अमृतसर नेशनल हाईवे पर नौशहरा मज्जा सिंह के पास उनकी कार अचानक भीषण हादसे का शिकार हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की खबर मिलते ही परिवारों में मातम पसर गया। जिन घरों में बेटे के लौटने का इंतजार हो रहा था, वहां अचानक चीख-पुकार गूंज उठी। परिजन अब नशा मुक्ति केंद्र की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।

स्थानीय लोगों और परिवारों का कहना है कि जब केंद्र में सुरक्षा गार्ड मौजूद थे, तो आखिर तीन युवक वहां से बाहर कैसे निकल गए? इतनी बड़ी चूक कैसे हुई कि किसी को भनक तक नहीं लगी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

SP नूरपुर कुलभूषण वर्मा के अनुसार युवकों के लापता होने की शिकायत पहले ही दर्ज कर ली गई थी और पुलिस जांच कर रही थी। अब हादसे के बाद पूरे घटनाक्रम और नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की जाएगी।

यह दर्दनाक हादसा कई सवाल छोड़ गया है—अगर समय रहते युवकों को रोक लिया जाता, तो क्या चार जिंदगियां बच सकती थीं?