हिमाचली खबर: गर्मियों के मौसम में सांप अधिक दिखाई देते हैं। खासकर जंगली इलाकों और ग्रामीण इलाकों में यह समस्या अधिक होती है। दरअसल, तापमान जब बढ़ता है तो बिल के अंदर भी गर्मी बढ़ने लगती है। ऐसे में ठंडी और नमी वाली जगह की तलाश में सांप अपने बिलों से बाहर निकलते हैं। घर के आसपास नमी वाली जगह, लकड़ी के ढेर, तालाब के आसपास और गार्डन जैसी जगहों पर सांप बसेरा बनाना पसंद करते हैं। इसके साथ ही सांप अंडे भी देते हैं।

घर के आसपास खिड़की, रोशनदान, लकड़ी के ढेर या फिर अन्य कई जगहों पर कई बार अंडे नजर आते हैं। कई बाल लोगों को लगता है कि या किसी पक्षी का अंडा होगा। लेकिन जरूरी नहीं है कि वह अंडा किसी पक्षी का ही हो सांप का भी हो सकता है। सही पहचान न होने के चलते लोग यह भूल कर बैठते हैं। ऐसे में कुछ तरीके हैं जिसकी मदद से आप यह पहचान कर सकते हैं कि अंडा किसी चिड़िया का है या सांप का है। आइए जानते हैं:
ध्यान रखें ये बात
सबसे जरूरी बात यह है कि अंडा किसी भी पक्षी या अन्य जानवर का उसे भूलकर भी छूना नहीं चाहिए। वैज्ञानिकों ने सांपों को उनके बच्चा पैदा करने के तरीके के आधार पर मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा है। अंडे देने वाले और सीधे बच्चे पैदा करने वाले सांप। दुनिया के करीब 70 प्रतिशत सांपों की प्रजाति अंडे देते हैं। सांप अंडे देने के लिए गार्डन, गमले, स्टोर रूम या कबाड़ वाली जगह को चुनते हैं।
पहला तरीका
अंडे के बनावट से पहचान सकते हैं कि वह सांप का अंडा है या किसी पक्षी का। चिड़ियों या मुर्गियों के अंडों का बाहरी छिलका काफी कड़ा और कैल्शियम से बना होता है। ये गिरने पर आसानी से टूट जाते हैं। सांप के अंडों के छिलका बिल्कुल अलग होता है। यह रबर की तरह थोड़ा लचीला और सॉफ्ट दिखता है। हल्का सा दबाने पर ये टूटने के बजाए पिचक जाते हैं। एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के अनुसार सांप के अंडे पर एक मजबूत और लचीला चमड़े जैसा खोल होता है। फर्टिलाइजेशन के बाद सांप का अंडा अंडवाहिनी में कई परतें प्राप्त करता है। अंडे का खोल हवा और तरल पदार्थों को अंदरबाहर जाने देता है, लेकिन अंडे के अंदर की नमी बनी रहती है।
दूसरा तरीका
चिड़ियां अक्सर घोसलों में अंडा देते हैं, लेकिन सांप का कोई घोसला नहीं होता है। मादा सांप अपने अंडों को किसी सुरक्षित जगह, नमी वाली, गर्म और अंधेरी जगह पर रखती है। एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के अनुसार कई बार एक ही जगह पर कई मादाएं अंडे देती हैं। कुछ सांप अंडे देने के बाद उन्हें छोड़ देते हैं, कुछ उनकी रक्षा करते हैं। इसके साथ ही कई सांप की ऐसी भी प्रजातियां हैं जो अंडों के पास रहकर अपने शरीर की गर्मी से उन्हें सेने में भी मदद करती हैं। ऐसे में किसी अंडे के आसपास सांप नजर आए तो समझ जाएं की वह उसका ही अंडा है, जिसकी सुरक्षा में मादा सांप वहां पर मौजूद है।
तीसरा तरीका
अधिकतर पक्षियों के अंडे गोल या ओवल आकार के होते हैं, जबकि सांप के अंडे बिल्कुल अलग होते हैं। ये बनावट में थोड़े लंबे होते हैं जो दिखने में किसी मेडिसिन कैप्सूल या बड़े काजू जैसे होते हैं। इसके साथ ही सांप के अंडे एक दूसरे से चिपके हुए गुच्छे में होते हैं। ऐसे इसलिए होता है क्योंकि मादा सांप के शरीर से एक चिपचिपा तरल पदार्थ होता है, जिससे ये अंडे एक दूसरे से चिपके होते हैं।
कुछ मादा सांपों की प्रजाति ऐसी हैं, जिनके शरीर के अंदर की अंडे विकसित होते हैं। इसे ओवेविविपेरस विकास कहा जाता है। इसमें अंडा मां के शरीर के अंदर रहता है और बच्चा वहीं विकसित होकर बाहर निकलता है।
अंडे से बाहर कैसे निकलते हैं सांप
सांप के बच्चे अंडे से बाहर अपने नुकीले टूथ के जरिए बाहर निकलते हैं। दरअसल, सांप जब अंडे में होते हैं तो उनके ऊपरी होंठे पर एक नुकीला एक टूथ होता है, जिसकी मदद से वे अंडे की खोल को काटकर बाहर निकलते हैं। जन्म लेने के बाद सांप के बच्चे सबसे पहले अपनी जीभ को बाहर निकालते हैं। इसके जरिए वह आसपास के वातावरण की जांच करते हैं। वह गंध और रासायनिक संकेतों को जैकबसन अंग के माध्यम से पहचान करते हैं।
अन्य रोचक जानकारी
सांप के बच्चे अंडे से बाहर निकलने के बाद ही तुरंत शिकार करना शुरू कर देते हैं।
विषैले सांप जन्म से ही विष ग्रंथियों और दांतों के साथ पैदा होते हैं।
जन्म के कुछ समय बाद पहली बार सांप के बच्चों की केंचुल उतरती है और फिर एग टूथ भी गिर जाता है।
पर्याप्त भोजन और अनुकूल तापमान मिलने पर सांप के बच्चे बहुत तेजी से बढ़ते हैं।
सांपों की वृद्धि जीवनभर पूरी तरह बंद नहीं होती है, जिसे अनिश्चित वृद्धि कहते हैं।



