धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर कार्यरत 45 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मौके से मिला सुसाइड नोट कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। नोट में महिला ने अपने वैवाहिक जीवन, मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक संकट और पारिवारिक विवादों का विस्तार से जिक्र किया है।
जानकारी के अनुसार, आत्मघाती कदम उठाने से पहले महिला ने अपनी जुड़वां बहन जूली से मोबाइल फोन पर बात की थी। बातचीत खत्म होने के कुछ समय बाद उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को महिला के कमरे से एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने करीब 14 बिंदुओं के जरिए अपनी पीड़ा व्यक्त की है। महिला ने लिखा कि उसकी शादी वर्ष 2006 में हुई थी और उसने रिश्ते को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन समय के साथ हालात बिगड़ते चले गए।
सुसाइड नोट के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद ही उसके चरित्र पर संदेह किया जाने लगा। मायके जाने या किसी परिचित से बात करने जैसी सामान्य बातों को भी शक की नजर से देखा जाता था। लगातार लगने वाले आरोपों ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
महिला ने अपने पति पर पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं निभाने का आरोप भी लगाया है। उसके अनुसार, पति अपनी मां के साथ अलग रहते थे, जबकि वह बेटे के साथ दूसरे मकान में रहने को मजबूर थी। घर का खर्च, बच्चे की जरूरतें और अन्य जिम्मेदारियां उसे अकेले संभालनी पड़ती थीं।
नोट में यह भी दावा किया गया है कि पति अक्सर दोस्तों के साथ घर में शराब पीते थे। विरोध करने पर विवाद बढ़ जाता था और कई बार मामला मारपीट तक पहुंच जाता था। लगातार होने वाले झगड़ों और तनावपूर्ण माहौल ने उसके जीवन को बेहद कठिन बना दिया था।
महिला ने अपने बेटे से दूरी का दर्द भी बयां किया है। उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने बेटे को अपने पास रखा हुआ था और उसे बच्चे से मिलने में भी परेशानी होती थी। अदालत द्वारा तय किया गया गुजारा भत्ता भी नियमित रूप से नहीं दिया जा रहा था। इतना ही नहीं, बेटे के लिए खरीदे गए कपड़े और अन्य सामान भी उसके उपयोग में नहीं आने दिए जाते थे।
सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी का भी जिक्र है। महिला ने लिखा कि वह आउटसोर्स कर्मचारी थी और नौकरी की स्थायी सुरक्षा नहीं थी। हर समय नौकरी छूटने का डर बना रहता था। इसके अलावा वह मधुमेह की मरीज थी और इलाज तथा दवाइयों का खर्च भी खुद ही उठाती थी। घरेलू खर्च, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ते जा रहे थे।
घटना के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि नोट में लगाए गए आरोपों और अन्य परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है।
डीएसपी मुख्यालय धर्मशाला निशा कुमारी के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है और तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।