हिमाचली खबर: जब बात महिलाओं के स्वास्थ्य और हाइजीन की आती है, तो बाजार में मौजूद तरहतरह के प्रोडक्ट्स और इंटरनेट पर तैरती सलाहें अक्सर भ्रमित कर देती हैं। ऐसे में एक महिला के लिए सबसे सही और सुरक्षित गाइडेंस कौन दे सकता है? यकीनन एक महिला गायनेकोलॉजिस्ट । एक डॉक्टर जो न सिर्फ मेडिकल साइंस को समझती हैं, बल्कि खुद एक महिला होने के नाते उन व्यावहारिक चुनौतियों से भी वाकिफ हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उन्नति पंड्या ने अपने पर्सनल और क्लीनिकल अनुभव के आधार पर ऐसी 5 रोजमर्रा की आदतों का खुलासा किया है, जिन्हें वो खुद कभी नहीं करतीं और हर महिला को उनपर ध्यान देने के लिए जोर दे रही हैं।

Women’s Health: एक महिला और गायनोकोलॉजिस्ट होने के नाते मैं कभी नहीं करूंगी ये 5 काम, महिलाएं जरूर दें ध्यान​
Women’s Health: एक महिला और गायनोकोलॉजिस्ट होने के नाते मैं कभी नहीं करूंगी ये 5 काम, महिलाएं जरूर दें ध्यान​

डॉ. उन्नति पंड्या ने इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की जिसमें उन्होंने बताया अक्सर महिलाएं थकान, बारबार यूरिन इंफेक्शन , पीरियड्स के दौरान जलन या प्राइवेट पार्ट्स में होने वाली असहजता जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। गायनेकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि कई बार ये समस्याएं हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों का नतीजा होती हैं। आइए जानते हैं इन आदतों के बारे में जो महिलाओं की सेहत के लिए खतरा हैं। 

टॉयलेट में पीछे से आगे की ओर साफ करना

टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद पीछे से आगे की ओर सफाई करना महिलाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, ऐसा करने से Anal Area में मौजूद बैक्टीरिया योनि Vagina या मूत्र मार्ग तक पहुंच सकते हैं, जिससे यूरिन इंफेक्शन और वैजाइनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा आगे से पीछे की ओर सफाई करनी चाहिए। यह एक छोटीसी आदत है जो कई संक्रमणों से बचाने में मदद कर सकती है।

पीरियड प्रोडक्ट्स को लंबे समय तक इस्तेमाल करना

कई महिलाएं पैड, टैम्पोन, मेंस्ट्रुअल कप या पीरियड पैंटी को लंबे समय तक नहीं बदलतीं। विशेषज्ञों के मुताबिक पैड को हर 4 से 6 घंटे में और टैम्पोन को 4 से 8 घंटे में बदल देना चाहिए। वहीं मेंस्ट्रुअल कप और पीरियड पैंटी को भी जरूरत से ज्यादा देर तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक एक ही प्रोडक्ट पहनने से नमी और बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे जलन, दुर्गंध, संक्रमण और दुर्लभ मामलों में टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

लापरवाही से प्यूबिक हेयर वैक्सिंग कराना

प्यूबिक हेयर हटाने के लिए बारबार या गलत तरीके से वैक्सिंग कराना भी नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे स्किन पर छोटेछोटे कट, इनग्रोन हेयर, जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। खासकर संवेदनशील स्किन वाली महिलाओं में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हेयर रिमूवल करना हो तो सुरक्षित तकनीक अपनानी चाहिए या ट्रिमिंग और लेजर हेयर रिडक्शन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

खुशबूदार वैजाइनल वॉश का इस्तेमाल करना

कई महिलाएं प्राइवेट पार्ट्स को साफ रखने के लिए सुगंधित वैजाइनल वॉश या दूसरे फ्रेगरेंस वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि वजाइना खुद को साफ रखने की प्राकृतिक क्षमता रखती है। खुशबूदार या केमिकल युक्त उत्पाद वजाइना के प्राकृतिक pH और अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं, जिससे खुजली, सूखापन, जलन और संक्रमण की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार बाहरी हिस्से की सफाई के लिए सामान्य पानी या डॉक्टर की सलाह पर हल्के और बिना खुशबू वाले क्लींजर का उपयोग पर्याप्त होता है।

आयरन की कमी को नजरअंदाज करना

लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर आना कई महिलाएं सामान्य समझ कर अनदेखा कर देती हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। खासकर जिन महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग होती है, उनमें आयरन की कमी और एनीमिया का खतरा अधिक रहता है। आयरन की कमी से कमजोरी, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, चक्कर और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए नियमित हेल्थ चेकअप और संतुलित आहार के जरिए आयरन के स्तर पर नजर रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या नई दिनचर्या अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।