अंडे को अपनी थाली का हिस्सा बनाएं. पबमेड के मुताबिक, एनिमल बेस्ड फूड्स जैसे अंडे से कोलीन, फॉस्फोलिपिड और ओमेगा3 फैटी एसिड मिलते हैं. ये पोषक तत्व सिनैप्टिक पास्टिसिटी को बढ़ाते हैं जो खासतौर पर मस्तिष्क डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर और मेंब्रेन स्ट्रक्चर में बदलाव के जरिए सीखने और याद रखने की प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाते हैं.

सी फूड यानी समुद्री भोजन खासतौर पर ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होता है. इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन, आयोडीन. सेलेनियम, विटामिन डी, जिंक और बी 12 समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो तंत्रिका विकास से लेकर न्यूरोट्रांसमीटर संश्लेषण समेत कई प्रक्रियाओं में योगदान देते हैं. आप सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन, ट्यूना, शैलफिश को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. हालांकि क्षेत्रीय फूड कल्चर के हिसाब से जरूरी नहीं है कि आप सी फूड्स खाएं.

वेजिटेरियन फूड्स की बात करें तो बेरीज आपकी स्किन से लेकर फिजिकल हेल्थ और ब्रेन के लिए भी फायदेमंद होती हैं. दरअसल बेरीज में फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स होते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं. एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव डैमेज से लड़ सकते हैं, जो संज्ञानात्मक हानि का एक प्रमुख कारण है. इस तरह से ये सीखने और याददाश्त को सपोर्ट करते हैं.

पबमेड में दी जानकारी के मुताबिक, हरी पत्तेदार सब्जियां फोलेट, कैरोटीनॉयड, विटामिन के और अन्य एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं जो न्यूरोनल रखरखाव में योगदान करते हैं और ऑक्सीडेटिव लोड को कम करते हैं. मौसम के मुताबिक जरूरी है कि आप हरी सब्जियों को प्लेट का हिस्सा बनाएं.

डेली रूटीन में सीमित मात्रा में नट्स और बीज को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. इससे आपको हेल्दी फैट्स, अमीनो एसिड्स और विटामिन ई समेत पॉलीफेनोल मिलते हैं. ये आपकी तंत्रिका झिल्ली को स्थिर बनाए रखने और ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद करते हैं.