Ghaziabad Police Investigation: क्या आपने कभी किसी व्यक्ति को अपने अंतिम संस्कार के बाद जिंदा पाया है। आपका जवाब ना ही होगा, क्योंकि ऐसा तो बस फिल्मों में ही होता है। लेकिन हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारें में बताने जा रहे हैं जो अपने मौत के 23 दिन बाद अपने घर जिंदा लौट कर आया है। यह वही व्यक्ति है जिसकी मौत के बाद यूपी के कौशाम्बी थाने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया था और पुलिस पर हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। आइए जानते है पूरा मामला क्या है

गाजियाबाद में फिल्मी ट्विस्ट: तेरहवीं के बाद जिंदा लौटा मृतक, अंतिम संस्कार के बाद घर पहुंचा गिरधर​
गाजियाबाद में फिल्मी ट्विस्ट: तेरहवीं के बाद जिंदा लौटा मृतक, अंतिम संस्कार के बाद घर पहुंचा गिरधर​

जानिए पूरा मामला

दरअसल यह मामला यूपी के गाजियाबाद जिले के कौशांबी और मसूरी थाना क्षेत्र का है। जहां एक गिरधर नाम का व्यक्ति जिसे परिवार ने मृत मान लिया था और पुलिस रिकॉर्ड में भी वह मृतक ही था अचानक वह अपनी तेरहवीं के बाद अपने घर जीवित लौटकर आ गया।

धारा 151 सीआरपीसी के तहत किया गया था गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक वैशाली के कल्पना अपार्टमेंट में रहने वाले 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट का 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से कुछ विवाद हो गया था जिसके बाद पुलिस ने उसे शांति भंग की आशंका में धारा 151 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर भेज दिया था और 21 मई को उसे जेल से रिहा कर दिया गया था। रिहा होने के बाद गिरधर घर नहीं पहुंचा तो परेशान परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में मिला लावारिस शव

परिजनों के तलाश के बीच 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव बरामद हुआ जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में कर ली थी। पहचान के बाद परिवार ने कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं इसके बाद मसूरी थाने में भी दर्ज कराया गया।

सकुशल अपने घर लौटा गिरधर

लेकिन कहानी में उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब मृतक गिरधर अपनी तेरहवीं के दिन सकुशल अपने घर लौट आया। अब इस मामलें में सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरधर इतने दिनों तक कहां था? परिजनों ने शव की पहचान कैसे की? और आखिर वह लावारिस शव किसका था जिसका अंतिम संस्कार किया गया? पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, दावा है कि जल्द इसका खुलासा किया जाएगा।