Ram Mandir Donation Row: भगवान् राम की नगरी अयोध्या में हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में शुक्रवार को चम्पत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे की गहमागहमी के बीच जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिर दोहराया कि “दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा”। वहीं अयोध्यावासियों को भी फिर से लोगों से खरीखोटी और “चोर” जैसे ताने सुनने का डर सता रहा है। क्योंकि अभी तक चोरी के प्रकरण की प्रगति में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है उनमें से करीब करीब सभी स्थानीय हैं। और शीर्ष पदों पर बैठे जिम्मेदारों का नाम फिलहाल प्रकरण से बाहर है।

रावण और सोने की लंका…राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्यावासियों को सता रहा ‘चोर’ के ताने का डर!​
रावण और सोने की लंका…राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्यावासियों को सता रहा ‘चोर’ के ताने का डर!​

हांलांकि लोगों में मुख्यमंत्री के “कार्रवाई होगी और कार्रवाई शुरू हो गई” के कथन पर भरोसा है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्ट के अनिल मिश्र के इस्तीफे को लेकर शुक्रवार को दिन भर रही गहमागहमी के बीच दर्ज पहली FIR में एक अज्ञात के नाम को लेकर भी लोगों में काफी उत्सुकता रही। गिरफ्तार लोगों में कोई चम्पत राय का तो कोई अनिल मिश्रा आदि का करीबी रहा है।

दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा

इस बीच अयोध्या में राम मंदिर चढावे में चोरी प्रकरण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एकबार फिर से दोहराया कि “दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा”। उन्होंने प्रकरण में पहली एफआईआर के बाद कहा कि एसआईटी रिपोर्ट आते ही शुरू कार्रवाई हो गई है, एसआईटी की संस्तुतियों के अनुरूप कार्रवाई को सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने राम भक्तों से अपील भी किया कि अयोध्या पर आक्षेप मत करें और श्रीराम की मर्यादा का पालन करें।

देवरिया में शुक्रवार को विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा, यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती।उन्होंने कहा कि मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था, मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है, भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे, उस पर मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी।

चम्पत राय और अनिल मिश्र का इस्तीफा

वहीं राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्ट के अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर को लेकर दिनभर गहमागहमी आमलोगों और खबरनवीसों के बीच बनी रही। हांलांकि खबर लिखे जाने तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। खबरों के मुताबिक़ इनका नैतिक आधार पर इस्तीफा ले लिया गया है लेकिन किसी तरह का कोई इस्तीफे का पत्र अथवा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक़ शुक्रवार की दोपहर चम्पत राय की सेहत थोड़ी नासाज रही और वह मंदिर ट्रस्ट के आगंतुकों के लिए बने एक कक्ष में विश्राम करते रहे।

8 नामजद तो एक अज्ञात का भी FIR में जिक्र

राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी के रिपोर्ट सौंपने के बाद ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज की गयी जिसमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया।

आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316 , 317 , 317 , 61, 3 बीएनएस व 13 पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। गुरूवार को दर्ज इस FIR के सभी आरोपियों को शुक्रवार को स्पेशल मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में पेश किया गया और सबको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हांलांकि पुलिस ने इनको अभी तक रिमांड में नहीं लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को फिर से इनकी पेशी होगी जहाँ पुलिस इन्हें रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी।

वहीं FIR की इस कार्यवाई के बाद पूरे मामले में नया मोड़ तब आ गया जब उक्त आरोपियों के अलावा एक एक अज्ञात को भी आरोपी बनाये जाने की जानकारी सामने आयी। और सवाल उठने लगे कि वह अज्ञात आरोपी आखिर है कौन? एफआईआर में शामिल अधिकांश आरोपी दानराशि की गिनती और कैश प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगे हुए थे।

अयोध्यावासियों को सटा रहा “चोर” जैसे ताने का डर

अयोध्यावासियों के सामने 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके परिणाम के बाद सोशल मीडिया आदि के जरिये जिस तरह से खरी खोटी सुनने को मिला था। आज इन स्थानीय लोगों की गिरफ्तारी के बाद और शीर्ष पर बैठे बाहरी लोगों को फिलहाल चोरी प्रकरण से बाहर रखने के बाद फिर से वही स्थिति पैदा हो रही है। जहाँ पहले फैजाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद के जीतने के बाद अयोध्यावासियों को खूब खरीखोटी सुनाये जा रहे थे।

लोग कह रहे थे कि अगर भगवान राम अयोध्या के लोगों को लंका युद्ध के लिए ले जाते तो सोने की लंका देखकर अयोध्या के लोग रावण से भी समझौता कर लेते। इसी का जिक्र कर अयोध्या वासियों का कहना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में फिलहाल जिस तरह का दृश्य सामने है उसके आधार पर कहा जा सकता है कि आने वाले समय में अयोध्यावासियों को चोर भी कहा जाए तो ताज्जुब नहीं होना चाहिए।

बड़ी मछलियों को बचाने का आरोप

राम मंदिर के चढ़ावे के चोरी प्रकरण में बड़ी मछलियों को बचाने और छोटों को फंसाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा ट्रस्ट में शीर्ष पदों पर बैठे जिम्मेदारों पर तमाम अन्य तरह के सवाल व आरोप सुर्ख़ियों में हैं। और पूरे प्रकरण में चम्पत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव को लेकर सवाल खड़े किये जा रहे हैं।

अयोध्या के में चढ़ावा, चंदा और बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी के मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा और उसकी सरकार तथा जांच प्रक्रिया पर लगातार तीखे तंज कसे हैं। अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुये लिखा कि “फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफी”। वहीँ शासन सत्ता के जिम्मेदार SIT जांच और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की बात कह कर पल्ला झाड रहे हैं।