Auto PLI Scheme: भारतचीन सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर जमी बर्फ अब धीरेधीरे पिघलने लगी है. हाल ही में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम मुलाकात हुई थी. इस कूटनीतिक नरमी का असर अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नजर आ रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार जल्द ही उन ऑटोमोबाइल कंपनियों के पीएलआई आवेदनों पर विचार कर सकती है, जिनमें चीनी निवेश शामिल है. जिन कंपनियों को एफडीआई की मंजूरी मिल चुकी है, उनके लिए सरकार के दरवाजे अब खुल सकते हैं.

टाटा ग्रुप के साथ MG को मिलेगा बड़ा फायदा

सरकार के इस कदम से कई बड़ी कंपनियों की राह आसान हो जाएगी. इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स के दो जॉइंट वेंचर को इसका सीधा लाभ मिल सकता है. इनमें प्रेस्टोलाइट इलेक्ट्रिक बीजिंग के साथ मिलकर बना ‘टैको प्रेस्टोलाइट’ शामिल है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए खास मोटर डिजाइन करता है. इसके अलावा एयर इंटरनेशनल शंघाई के साथ मिलकर ऑटोमोटिव एयरकंडीशनिंग बनाने वाली ‘टैको एयर इंटरनेशनल’ को भी पीएलआई का फायदा मिलने की उम्मीद है. JSW ग्रुप के साथ मिलकर एमजी ब्रांड की गाड़ियां बेचने वाली ‘जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया’ के लिए भी ये एक बड़ी राहत की खबर है.

केवल पुराने पीएलआई आवेदनों पर होगा विचार

अधिकारी ने साफ किया है कि सरकार पीएलआई योजना के तहत नए आवेदनों के लिए कोई नई विंडो नहीं खोल रही है. केवल उन्हीं पुरानी कंपनियों के आवेदनों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिन्हें एफडीआई की मंजूरी मिल चुकी है. चीनी निवेश वाले प्रस्तावों में देरी की वजह से कई पीएलआई आवेदन अटके हुए थे. अब नई गाइडलाइंस के बाद इन मंजूरियों में तेजी आई है. हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स बनाने वाली डिक्सन टेक्नोलॉजीज के एक ऐसे ही जॉइंट वेंचर को पीएलआई का लाभ देने की मंजूरी दी गई है.

गलवान विवाद के बाद बदले थे FDI नियम

साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत ने चीन पर कई सख्त आर्थिक पाबंदियां लगाई थीं. उस वक्त 200 से ज्यादा चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन कर दिया गया था. साथ ही, भारत की जमीनी सीमा से लगे देशों से आने वाले किसी भी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी को अनिवार्य कर दिया गया था. अब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज हुई है. सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने पर भी सहमति बनी है, जिससे निवेश के मोर्चे पर अब राहत मिलने लगी है.

ऑटो सेक्टर में निवेश का आंकड़ा 45 हजार करोड़ पार

सरकार ने सितंबर 2021 में ऑटो पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी. इसका कुल बजट 25,938 करोड़ रुपये रखा गया था. इस योजना के तहत अब तक 45,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आ चुका है. उम्मीद है कि सरकार इस वित्तीय वर्ष में करीब 4,000 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी. ये इंसेंटिव उन कंपनियों को मिलेगा जो इंक्रीमेंटल सेल्स के साथ अन्य तय मानकों को पूरा करेंगी. वित्तीय वर्ष 202627 के बजट में इस योजना के लिए 5,939.87 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल के 2,091.26 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा है.