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भारत में रेलवे ने लोगों का सफर बहुत आसान और आरामदायक बना दिया है. पहले जहां कई रूट्स पर सीमित ट्रेनें चलती थी, अब लगभग सभी रूट्स पर सुपर फास्ट, वंदे भारत जैसी ट्रेनें दौड़ने लगी है और यात्रियों को कम किराए में सुविधाजनक सफर लेने में मदद कर रही है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए आसपास के शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए मुंबई लोकल ट्रेनों की तरह एक बड़ा रेल कॉरिडोर बनाने की तैयारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी जहां मुंबई में मेमू (MEMU) और विशेष लोकल ट्रेनें चलती है, जिससे आसपास  के शहरों में यात्रा करना काफी सस्ता और आसान हो जाता है. इसी दिशा में यूपी के कुछ शहरों, जहां से रोजाना हजारों लोग यात्रा करते हैं, वहां इस प्लान को खड़ा करने की योजना है. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे रूट पर ऐसी फास्ट वातानुकूलित ट्रेनें चलाई जा सकती हैं.

वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, मेरठ जोन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकल ट्रेन सेवाओं की संभावना का पता लगाने के लिए, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे ने अपने जोन में उन रेल रूटों के बारे में जानकारी मांगी है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की भारी भीड़ रहती है. जैसे कि वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और मेरठ को जोड़ने वाले रूट. इन संभावित रूटों की जानकारी रेलवे बोर्ड को पहले ही सौंपी जा चुकी है. इस योजना के पहले चरण को अगस्त 2027 में शुरू करने की तैयारी है.

लखनऊ-कानपुर रेल रूट भी

इसी कड़ी में यूपी के सबसे बिजी रेल रूट में से एक लखनऊ-कानपुर है, जहां मुंबई लोकल की तरह तेज मेमू ट्रेनें चलानी की तैयारी है. जानकारी के अनुसार, इस रूट पर हर 15-20 मिनट पर लोकल ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी, जिससे यात्रा आसान और अन्य ट्रेनों से भीड़ कम होगी. इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद-मेरठ-अलीगढ़-खुर्जा रूट दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों मे हाई स्पीड लोकल मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी. इतना ही नहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-देवरिया-बस्ती रूट में भी लोकल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाएंगे और पूर्वांचल के वाराणसी-प्रयागराज-भदोही रूट पर भी लोकल ट्रेनों का रूट तैयार होगा.

2028 से दिखने लगेंगी यूपी में एसी लोकल ट्रेन

रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले चरण में यूपी की राजधानी लखनऊ-कानपुर रूट जोकि करीब 72 किमी और गाजियाबाद-अलीगढ़ रूट पर मेमू तकनीक वाली एसी ट्रेनें चलाई जाएंगी. वहीं, दूसरे चरण 2028-2029 में शुरू होगा, जिसमें पूर्वांचल के वाराणसी-प्रयागराज और गोरखपुर-देवरिया रूट्स को भी लोकल रेल ग्रिड से जोड़ेगा जाएगा. माना जा रहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक उत्तर प्रदेश और मुंबई जैसे देश के सभी उपनगरीय ट्रेन मार्गों पर आधुनिक स्वचालित दरवाजों वाली मेट्रो जैसी लोकल में बदला जाए.