भारत में कैंसर के मामलों में हर साल तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. के मुताबिक हर साल 14 से 16 लाख नए मामले सामने आते हैं. कई तरह के कैंसर होते हैं जिनमें सबसे आम ब्लड, लंग्स और माउथ कैंसर है. इसके अलावा पेट के कैंसर भी लोगों में बढ़ रहे हैं क्योंकि खराब खानपान और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल ज्यादातर की लाइफ का हिस्सा बना हुआ है. क्या आप जानते हैं कि हमारा शरीर कई ऐसे संकेत देता है जो कैंसर से जुड़े हो सकते हैं. इन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.

दरअसल, कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें गैस, संक्रमण, सर्दीजुकाम या उम्र से जुड़ी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन समय पर पहचान न होने पर कैंसर शरीर में फैल सकता है और इलाज मुश्किल हो सकता है. इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि अगर शरीर में कुछ समस्याएं बारबार हो रही हैं तो ये कैंसर का संकेत हो सकती हैं. चलिए आपको बताते हैं…
नेशनल कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम कहता है कि हर साल 12 से 28 फीसदी कैंसर के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है. बताया जाता है कि आज 9 में से 1 इंसान को किसी न किसी तरह के कैंसर के होने की संभावना बनी रहती है. दिल्ली के मैक्स स्मार्ट हॉस्पिटल, साकेत में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. पी. के. दास के अनुसार, शरीर में होने वाले कुछ बदलाव कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
मल या पेशाब की आदतों में बदलाव
अगर लंबे समय तक कब्ज, दस्त, बारबार पेशाब आना या पेशाब की आदतों में बदलाव बना रहे, तो यह सिर्फ खानपान की समस्या नहीं हो सकती. डॉ. दास बताते हैं कि कुछ मामलों में यह आंत या मूत्र मार्ग से जुड़े कैंसर का संकेत भी हो सकता है.
ऐसा घाव जो ठीक न हो
त्वचा पर बना घाव, मुंह का छाला या कोई जख्म अगर लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. यह त्वचा या मुंह के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है.
असामान्य रक्तस्राव या डिस्चार्ज
खांसते समय खून आना, मल में खून दिखना या महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव जैसी समस्याएं गंभीर संकेत हो सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में तुरंत जांच करानी चाहिए.
शरीर में गांठ या सूजन
ब्रेस्ट, टेस्टिकल्स, गर्दन या शरीर के किसी अन्य हिस्से में नई गांठ या मोटापन महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. कैंसर की शुरुआती गांठें अक्सर दर्द नहीं करतीं, इसलिए दर्द न होना सुरक्षित होने का संकेत नहीं है.
लंबे समय तक अपच या निगलने में परेशानी
बारबार अपच, पेट भरा हुआ महसूस होना या भोजन निगलने में कठिनाई को लोग अक्सर एसिडिटी समझ लेते हैं. लेकिन यह पेट या भोजन नली के कैंसर का संकेत भी हो सकता है.
लगातार खांसी या आवाज बैठना
यदि कई हफ्तों तक खांसी बनी रहे या आवाज में बदलाव आए, तो इसकी जांच करानी चाहिए. डॉ. दास के अनुसार यह फेफड़ों, गले या थायरॉयड कैंसर से जुड़ा संकेत हो सकता है.
समय पर जांच बचा सकती है जान
डॉ. पी. के. दास कहते हैं कि कैंसर के अधिकांश मामलों में शुरुआती पहचान से इलाज के विकल्प बढ़ जाते हैं और मरीज के ठीक होने की संभावना भी काफी बेहतर हो जाती है. इसलिए शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.


