हिमाचली खबर: Adhik Maas 2026: अधिकमास 17 मई से लेकर 15 जून तक रहेगा। इसे मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस महीने के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु है। इसलिए इस दौरान जन्मे बच्चों पर श्री हरि विष्णु भगवान की विशेष कृपा रहती है। ये बच्चे काफी आध्यात्मिक, शांत और धैर्यवान होते हैं। इसके अलावा इनके अंदर नेतृत्व करने की भी अच्छी क्षमता होती है। जानिए और क्या खूबियां होती हैं अधिकमास में पैदा हुए बच्चों में।

अधिकमास में जन्मे बच्चों की 5 अनोखी खूबियां
- धार्मिक: अधिकमास में जन्म लेने वाले बच्चे बेहद धार्मिक स्वभाव के होते हैं। बचपन से ही इनका धर्म के प्रति खास झुकाव रहता है। ये दिल के साफ और ईमानदार होते हैं। कभी किसी का बुरा नहीं चाहते।
- शांत और धैर्यवान: अधिकमास में जन्म लेने वाले बच्चे शांत और धैर्यवान स्वभाव के होते हैं। जिस कारण ये कोई भी काम सोच समझकर करते हैं। इनके फैसले अक्सर सही साबित होते हैं क्योंकि ये जल्दबाजी में कुछ नहीं करते। इनकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि विपरीत परिस्थितियों में भी ये अपना धैर्य कभी नहीं खोते।
- जिज्ञासु: अधिकमास के बच्चे बहुत गहरे विचारक होते हैं। ये दुनिया को एक अलग नजरिए से देखते हैं। इन्हें नईनई चीजें सीखने का काफी शौक होता है। इनकी जिज्ञासु प्रवृत्ति इन्हें बड़ा ज्ञाता बनाती है।
- क्रिएटिव: इस महीने में जन्मे बच्चे काफी क्रिएटिव होते हैं। यही कारण है कि ये क्रिएटिव कार्यों में खूब नाम भी कमाते हैं। संगीत, चित्रकला या लेखन जैसे क्षेत्रों में इनकी गहरी रुचि होती है।
- साहसी: अधिकमास में जन्मे बच्चे काफी साहसी होते हैं। जीवन में आने वाली हर चुनौती का डटकर सामना करते हैं और जीत हासिल करके ही दम लेते हैं। चाहे कुछ भी हो जाए ये कभी हार नहीं मानते हैं।
अधिकमास में जन्मे बच्चों को क्या करना चाहिए?
अधिकमास में जन्मे लोगों को भगवान विष्णु की आराधना जरूर करनी चाहिए। साथ ही नियमित रूप से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे आपके जीवन में सदैव सुखसमृद्धि बनी रहेगी।



