हिमाचली खबर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से हत्या की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां प्रेमी की ग्लैण्डर से काटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को बोरे में भरकर दूसरे जिले के जंगल मे जलान दिया गया। इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर तीन आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। परिवार ने सभी 5 आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है और एसपी से मामले में एक्शन की मांग की है।

पति के साथ मिलकर प्रेमी को ग्राइंडर से काटकर मार डाला, शव को बोरे में भरकर जंगल में जलाया, यूपी में खौफनाक वारदात​
पति के साथ मिलकर प्रेमी को ग्राइंडर से काटकर मार डाला, शव को बोरे में भरकर जंगल में जलाया, यूपी में खौफनाक वारदात​

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, ये पूरा मामला थाना क्षेत्र के टिकरा गांव का है जंहा के रहने वाले इंद्रपाल निषाद के 20 वर्षीय पुत्र विजय निषाद की हमीरपुर जिले के मनकी खुर्द गांव के रहने वाले कामता ने पत्नी के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। युवक के हाथ पैर काटकर निर्मम तरीके से हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए प्रेमिका को उसके पति के साथ गिरफ्तार किया था और दो दिन पहले जेल भेज दिया था। हालांकि, मृतक विजय के परिजन पुलिस के इस खुलासे से संतुष्ट नही दिखे और बुधवार के दिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

परिवार का क्या है आरोप?

पुलिस अधीक्षक के नाम शिकायत पत्र देते हुए मृतक विजय के पिता और भाई अजय ने आरोप लगाया कि युवक 8 मई को गायब हुआ था। उन्होंने 11 मई को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और 5 लोगों के ऊपर आरोप लगाया था। इसमें आरोपी प्रेमिका किरन, उसका पति कामता व किरन के दो मामा और भाई शामिल थे। पिता ने आरोप लगाया कि 5 लोगों का नाम दिया गया था लेकिन पुलिस ने सिर्फ किरन और कामता को गिरफ्तार किया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कामता का एक्सीडेंट हुआ था जिस कारण पैर में रॉड पड़ी है। तो ऐसे में वह युवक की हत्या कर के दूर कैसे फेंक सकता है। किरण भी 6 माह की गर्भवती है। परिवार का आरोप है कि जो नाम पुलिस ने हटा दिए हैं, वह सब हत्या में शामिल हो सकते हैं। इस लिए जांच कर तीनों नाम को मुकदमे में दर्ज किया जाए।

कैसे की गई युवक की हत्या?

8 मई को थाना बकेवर क्षेत्र का निवासी विजय निषाद अपने घर से निकला था,जो वापस नहीं लौटा। 11 मई को परिजनों द्वारा थाना बकेवर पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। गुमशुदगी की जांच के दौरान परिजनों द्वारा मोबाइल कॉल डिटेल एवं संपर्कों की जांच कराए जाने की आशंका व्यक्त की गई हो सकता है कि किसी महिला या किसी पुरुष के संपर्क में रहा हो और उसने इसको बुलाकर इसके साथ कोई अप्रिय घटना कारित कर दी गई हो। विवेचना के क्रम में मोबाइल कॉल डिटेल एवं लोकेशन का गहन विश्लेषण किया गया, जिसमें जनपद हमीरपुर की निवासी एक महिला से मृतक की लगातार बातचीत होना प्रकाश में आया। साथ ही मोबाइल लोकेशन के आधार पर मृतक की मोटरसाइकिल घाटमपुर, कानपुर क्षेत्र से बरामद की गई।

उक्त तथ्यों से अवगत कराए जाने पर परिजनों द्वारा थाना बकेवर पर तहरीर देकर आरोप लगाया गया कि हमीरपुर निवासी कामता एवं उसकी पत्नी किरन देवी द्वारा विजय निषाद को बुलाकर उसकी हत्या कर शव को छिपा दिया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान अभियुक्त कामता एवं किरन देवी से सघन पूछताछ की गई, जिसमें यह तथ्य प्रकाश में आया कि दिनांक 08.05.2026 को विजय निषाद उनके घर पहुंचा था। पूर्व नियोजित योजना के तहत दोनों पतिपत्नी द्वारा उसकी हत्या कर दी गई। घटना के उपरांत अभियुक्त कामता द्वारा मृतक की मोटरसाइकिल को अन्य स्थान पर छोड़ दिया गया तथा शव एवं मोबाइल फोन को कानपुर क्षेत्र स्थित जंगल में ले जाकर जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

अभियुक्तों की निशानदेही पर संबंधित स्थलों से बरामद अवशेष, कपड़े एवं जूतों की पहचान मृतक के परिजनों द्वारा की गई। परिजनों ने बरामद नरकंकाल एवं अन्य सामान को विजय निषाद का होना बताया है। अंतिम पुष्टि हेतु डीएनए परीक्षण की कार्यवाही कराई जा रही है, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने पर विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। पूछताछ एवं विवेचना में यह भी प्रकाश में आया कि मृतक एवं अभियुक्ता किरन देवी के मध्य पूर्व से प्रेम संबंध थे। लगभग चार माह पूर्व तक अभियुक्त कामता सूरत में कार्यरत था, उसी दौरान दोनों के बीच संबंध स्थापित हुए थे। बाद में कामता के वापस आने के उपरांत मृतक द्वारा महिला से संपर्क एवं मिलने का प्रयास किया जाता रहा,जिससे क्षुब्ध होकर दोनों पतिपत्नी ने उसकी हत्या करने की योजना बनाई।

यूट्यूब देखकर की हत्या

विवेचना के दौरान अभियुक्तों के मोबाइल फोन की जांच में यह भी पाया गया कि घटना से संबंधित अपराध, 302 में हत्या के मामलों में कितनी सजा हो सकती है, जेल में क्या व्यवस्था होती है, फांसी की सजा तथा गर्भवती महिला अभियुक्तों के संबंध में विभिन्न जानकारियां इंटरनेट एवं यूट्यूब पर खोजी गई थीं। साथ ही हत्या के मामले में किस तरह से बचा जा सकता है, इन सब जानकारी को सर्च किया गया था। इसी के आधार पर डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना का सफल खुलासा किया गया है।