Sawan Barwal Asian Games Medal: जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में भारतीय धावक सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम कर लिया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर से आने वाले सावन ने 42.195 किलोमीटर लंबी मैराथन को 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड में पूरा कर देश का मान बढ़ाया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने अपना ही पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया।

मैराथन दौड़ की शुरुआत से ही सावन बरवाल शीर्ष धावकों की होड़ में मजबूती से बने रहे। उन्होंने पूरी रेस के दौरान अपनी गति पर नियंत्रण बनाए रखा। 21 किलोमीटर के पड़ाव पर वह दूसरे स्थान पर चल रहे थे और 35 किलोमीटर का फासला तय करने तक अपनी पदक की स्थिति को बरकरार रखा। हालांकि अंतिम चरण में जापान के धावक ने बढ़त बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया, लेकिन सावन ने अपनी गति को बनाए रखते हुए भारत के लिए रजत पदक पक्का कर लिया।

इस स्पर्धा में मेजबान जापान के इचिटाका यामाशिता ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं चीन के फेंग पेइयू तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। एशियाई खेलों के इतिहास में पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में पदक जीतने वाले सावन बरवाल अब भारत के चौथे धावक बन गए हैं।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल के बेटे सावन बरवाल की इस सफलता ने एशियाई खेलों की मैराथन स्पर्धा में पदक के लिए भारत के 44 साल लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है। इससे पहले भारत ने 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों के दौरान पुरुष मैराथन में पदक हासिल किया था। सावन के इस प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सावन बरवाल का रिकॉर्ड लगातार सुधर रहा है। इससे पहले इसी वर्ष अप्रैल माह में आयोजित रॉटरडैम मैराथन में सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया था। उस समय उन्होंने दिग्गज धावक शिवनाथ सिंह द्वारा 1978 में बनाए गए 2 घंटे 12 मिनट 00 सेकंड के 48 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था। अब जापान में उन्होंने 2:11:36 का समय निकालकर अपने ही रिकॉर्ड को और बेहतर कर दिया है।

सावन बरवाल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके गृह नगर जोगिंद्रनगर और पूरे मंडी जिले में जश्न का माहौल है। सावन के पहले खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर ने अपने शिष्य की इस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर अत्यधिक खुशी व्यक्त की है। स्थानीय स्तर पर खेल प्रेमियों और नागरिकों द्वारा इस जीत का स्वागत किया जा रहा है।

उधर,  हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एशियाई खेल 2026 की पुरुष मैराथन में रजत पदक जीतने पर सावन बरवाल को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सावन बरवाल की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण ने देश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश का नाम भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने सावन की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सावन की जीत से घर पर जश्न का माहौल

वहीं सावन बरवाल के पदक जीतने पर उनके घर रड़ा भखेड़ में खुशी का माहौल है। सुबह से ही लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों को बधाई दे रहे हैं। सावन बरवाल की माता सुभद्रा देवी, पिता कुलदीप बरवाल, बड़े भाई सुमीत बरवाल, भाभी श्वेता बरवाल और पत्नी शबनम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सावन की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

उन्होंने कहा कि सावन ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उसकी सफलता ने न केवल परिवार बल्कि जोगेंद्रनगर और पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। परिवार ने सावन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए पदक जीतकर गौरव बढ़ाएगा।

सावन बरवाल ने 2012 में शुरू किया था सफर

सावन बरवाल की सफलता की कहानी वर्ष 2012 में खेल प्रशिक्षण केंद्र जोगेंद्रनगर से शुरू हुई थी। कोच गोपाल ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में लंबी दूरी की दौड़ का अभ्यास करते हुए सावन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपनी अटूट मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने 2012 से 2018 के दौरान राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 8 पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया।