Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के ट्रंग विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिहरी की नवनिर्वाचित पंचायत ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद अपनी पहली बैठक में कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनकी पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है. पंचायत ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, पशु कल्याण और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए हैं. इन फैसलों का ग्रामीणों ने स्वागत किया है और पंचायत की पहल की सराहना की जा रही है.

पंचायत सचिव मनसा देवी, प्रधान हरीश ठाकुर और उपप्रधान तुले राम ठाकुर की मौजूदगी में सभी नवनिर्वाचित वार्ड सदस्यों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. इसके बाद आयोजित पहली बैठक में गांव के समग्र विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
पंचायत ने लिए अहम फैसले
बैठक में सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि पंचायत की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी फेरीवाला पंचायत क्षेत्र में सामान नहीं बेच सकेगा. व्यापार करने के इच्छुक लोगों को पहले पंचायत कार्यालय से अनुमति लेनी होगी. पंचायत का मानना है कि इससे व्यवस्था बनाए रखने के साथ स्थानीय लोगों के हितों की भी रक्षा होगी.
पशु संरक्षण को लेकर भी पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। यदि कोई व्यक्ति वाहन से बेसहारा गौवंश को पंचायत क्षेत्र में छोड़ता पाया गया, तो उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. पंचायत का कहना है कि इस निर्णय से आवारा पशुओं की समस्या कम होगी और गौवंश संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
दुकानदारों को रखने होंगे डस्टबिन
स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के लिए पंचायत ने सभी दुकानदारों के लिए दुकान पर डस्टबिन रखना और आसपास साफसफाई बनाए रखना अनिवार्य कर दिया है. वहीं, घर निर्माण के लिए टीडी लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वन विभाग से प्राप्त कम से कम पांच पौधे लगाकर छह महीने तक उनकी देखभाल करनी होगी. इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंचायत ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. पंचायत क्षेत्र की दुकानों में चुस्की की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. पंचायत का मानना है कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को कम किया जा सकेगा.
ग्राम प्रधान ने क्या कहा?
ग्राम प्रधान हरीश ठाकुर ने कहा कि अगले पांच वर्षों में ग्राम पंचायत टिहरी को एक आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी निर्णय जनहित, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीणों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और इन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा.



