Indian Railways News: अक्सर यह देखा गया है कि यात्री रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में स्पीकर पर गाना, ऑडियो बजाते हैं, जिससे अन्य यात्रियों के आराम में खलल पड़ता है. कई बार ट्रेन में यात्रा करते समय रेल यात्रियों में इस बात को लेकर कहा सुनी और हाथापाई तक की नौबत आ जाती है. इसे लेकर दक्षिण रेलवे ने एक नोटिस जारी किया है जिसका तहत ऐसा करने वालों पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा.

पहले रेलवे बोर्ड ने पत्रके माध्यम से सेल फोन में तेज आवाज में बात करना, लंबी बातचीत और आपत्तिजनक रिंगटोन के संबंध में निर्देश जारी किए थे. वर्तमान में मोबाइल इंटरनेट के साथ, सार्वजनिक स्थानों पर स्पीकर पर वीडियो और गाना बजाना प्रचलित है.

धारा 145 के तहत प्रावधान

इस परिदृश्य में यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल व्यवस्था करने की आवश्यकता है कि यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा न हो. इस संबंध में, हाल ही में संशोधित जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत उपद्रव पर प्रावधान लागू किए जा सकते हैं.

पांच हजार फाइन और 6 माह की जेल

अगर कोई व्यक्ति किसी रेलवे गाड़ी में या रेलवे के किसी हिस्से में उपद्रव या अपमानजनक या अश्लील भाषा का उपयोग करता है, जानबूझकर या बिना किसी कारण के रेलवे प्रशासन द्वारा प्रदान की गई किसी सुविधा में हस्तक्षेप करता है, तो उसे रेलवे कर्मचारी द्वारा ट्रेन से हटाया जाएगा और उसका टिकट को जब्त करने के अलावा, उस पर एक हजार रुपये के जुर्माना लगाया जाएगा. अगर वह उपद्रव जारी रखता है, तो उसे 6 महीने तक के साधारण कारावास या 5 हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा.

रेल मदद ऐप पर की जा सकती है शिकायत

कई बार यात्री प्यार से किसी को आवाज कम करने के लिए कहते हैं, लेकिन सामने वाला नाराज हो जाता है. बहस हो जाती है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण भी बन जाती है. ऐसे में रेलवे की मदद लेना बेहतर है. अगर आपको ट्रेन में सफर के दौरान तेज आवाज से परेशानी हो तो टीटीई के पास शिकायत करें. इसके अलावा रेल मदद ऐप पर भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

दक्षिण रेलवे ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा के दौरान और रेलवे परिसर में स्पीकर मोड पर संगीत या वीडियो बजाने से बचें और तेज आवाज में बातचीत करने से बचें, इस तरह के आचरण पर रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत 1000/ रुपये तक के जुर्माने और/या 6 महीने तक के कारावास की सजा हो सकती है.