IndoMIM IPO: इंजीनियरिंग से जुड़े खास पुर्जे बनाने वाली कंपनी इंडोएमआईएम ने आज शेयर बाजार में कदम रखा और आते ही तहलका मचा दिया. जिन लोगों ने इस कंपनी के आईपीओ में पैसा लगाया था, उन्हें लिस्टिंग के साथ ही करीब 45 फीसदी का तगड़ा मुनाफा हो गया. 485 रुपये के भाव वाला यह शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सीधे 703 रुपये पर खुला. IPO ने पहले ही दिन निवेशकों का पैसा लगभग डेढ़ गुना कर दिया.

बाजार खुलते ही निवेशकों की हुई बंपर कमाई
बाजार में आते ही इंडोएमआईएम के शेयरों ने निवेशकों की झोली भर दी. बीएसई पर शेयर ने अपने तय भाव से 44.94 प्रतिशत की छलांग लगाई और 703 रुपये पर कारोबार शुरू किया. इसके बाद तो इस शेयर में और भी ज्यादा तेजी आ गई. देखते ही देखते यह 55 प्रतिशत उछलकर 757.75 रुपये के स्तर तक पहुंच गया. 3 बजे शेयर 742 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। जिन आम निवेशकों को यह शेयर मिला था, उनकी लगाई गई पूंजी एक ही दिन में लगभग डेढ़ गुना हो गई.
सब्सक्रिप्शन के समय ही मिल गया था इशारा
शेयर बाजार के जानकारों को इस कंपनी से ऐसी ही मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी. दरअसल, सोमवार को जब इस आईपीओ में पैसा लगाने का आखिरी दिन था, तब इसे 72 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया था. इतनी बड़ी संख्या में बोलियां लगने से यह साफ हो गया था कि लोग इस शेयर को खरीदने के लिए बेताब हैं.
कंपनी ने अपने शेयरों का भाव 461 से 485 रुपये के बीच रखा था. निवेशकों के इस जबरदस्त रिस्पॉन्स और शानदार लिस्टिंग के बाद, अब इंडोएमआईएम का कुल बाजार मूल्य 35,132.87 करोड़ रुपये के पार निकल गया है.
आईपीओ से जुटाए पैसों से कर्ज का बोझ कम करेगी कंपनी
बेंगलुरु में हेडऑफिस वाली इस कंपनी ने आईपीओ के जरिए जो पैसा जुटाया है, उसका एक साफ प्लान पहले ही तैयार रखा है. इस पब्लिक इश्यू में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसके अलावा कंपनी के पुराने शेयरधारकों ने ऑफर फॉर सेल के तहत करीब 6.83 करोड़ शेयर बेचे हैं.
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि नए शेयरों से जो 500 करोड़ रुपये मिले हैं, उसमें से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल बैंक के पुराने कर्जों को चुकाने में किया जाएगा. बचा हुआ पैसा कंपनी के बाकी कामकाज और विस्तार में लगाया जाएगा. कर्ज कम होने से कंपनी आर्थिक रूप से और ज्यादा मजबूत होगी, जिसका फायदा आगे चलकर लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले शेयरधारकों को ही मिलेगा.
इंजीनियरिंग सेक्टर में तीन दशक पुराना है अनुभव
बाजार से मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के पीछे कंपनी का लंबा अनुभव और उनका काम करने का तरीका है. साल 1996 में बनी इंडोएमआईएम एक खास तकनीक ‘मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग’ का इस्तेमाल करती है. इस आधुनिक तकनीक के जरिए कंपनी बेहद बारीक और सटीक इंजीनियरिंग वाले पुर्जे बनाती है. यह कंपनी सिर्फ पुर्जे बनाकर ही नहीं रुकती, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी पूरी सर्विस एक ही जगह मुहैया कराती है. इसी मजबूत तकनीकी पकड़ के कारण आज शेयर बाजार में इस कंपनी की इतनी शानदार एंट्री हो पाई है.



